पिछले दिनों कस्बे में हुए बलवे के 14 वें दिन बाद शुक्रवार को कुछ चहल पहल दिखाई दी। साथ ही बाजार में कई दूकानें खुली, लेकिन अभी भी महिलाओं का धरना-प्रदर्शन जारी है। दुकानें खुलने पर महिलाओं ने विरोध जताया। उनका कहना है व्यापारी व नेता उनके साथ धोखा कर रहे हैं।
25 जुलाई को हुए बवाल के बाद पुलिस ने 34 नामजद व 900 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया था। तबसे कस्बे में दहशत का माहौल है। इसके चलते कस्बे के लोग पलायन कर गए तो व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। इससे कस्बे में सन्नाटा पसरा रहा।
मामले की विवेचना में अज्ञात लोगों को दोषी नहीं मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा पुलिस ने खत्म करने की घोषणा कर दी है। वहीं 395 धारा को भी हटाने की बात कही है। गुरूवार को डीएम व पुलिस अधीक्षक कस्बे में पहुंचकर लोगों को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कस्बे के व्यापारियों के साथ बैठक कर उन्हें भयमुक्त होकर दुकानें खोलने के लिए कहा। अधिकारियाें के आश्वासन के बाद शाम को कुछ दुकानें खुलने के कुछ देर बाद बंद हो गई। शुक्रवार को भी कुछ ही दुकानें खुली। लोग अभी भी प्रशासन के आश्वासन पर पूर्ण रूप से विश्वास नहीं कर रहे हैं।
उधर पाथा देवी मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी महिलाओं ने दुकानें खोलने पर कड़ा विरोध जताया है। धरने पर बैठी महिलाओं ने आरोप लगाया व्यापारियों व नेताओं ने उनके साथ धोखा किया है। महिलाओं ने कहा कि वह शनिवार को मुख्यालय में चल रहे भाजपा के धरने में शामिल होंगी।