अमर उजाला ब्यूरो
बिझड़ी(हमीरपुर)। महारल-दख्योड़ा वाटर सप्लाई स्कीम एक बार फिर ठप हो गई है। इस स्कीम में दो मोटरें हैं, लेकिन दोनों ही कंडम हो चुकी हैं। योजना में कंडम हो चुकी मोटरों से ही काम चलाया जा रहा है। ये मोटरें 1981-82 में स्कीम बनने पर लगाई गई थीं, लेकिन अब पानी उठाने वाला पंप भी जवाब दे गया है। इसके लते क्षेत्र के लगभग दर्जनों गांवों महारल, सठवीं, खलौत, दख्योड़ा, टिहरी, होलत, नोहान, जांगली, तज्यार, समैला, टंग, शूद्र, घरयाणी, नंडल दख्योड़ा गांवों में पीने के पानी को लेकर हा-हा-कार मची हुई है। यहां पर नियमित पेयजल सप्लाई न होने से लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों में अशोक कुमार, श्रवण सिंह, कुलवंत, राकेश कुमार, सरवण कुमार, रमेश चंद संजय कुमार का कहना है कि छह माह पूर्व भी पेयजल योजना की मशीनरी खराब हो गई थी। जिस दौरान इस स्कीम में मशीनरी की रिपेयर का कार्य किया गया था। इसके तहत इस स्कीम में पुराने फिल्टर आदि बदलने पर लाखों रुपये व्यय किए गए थे। उस दौरान सीपीएस ग्रामीण विकास आईडी लखनपाल ने लोगों के समक्ष घोषणा की थी कि 15 दिनों के अंदर सभी पुराने उपकरणों को बदल कर स्कीम को सुचारू करवा दिया जाएगा, लेकिन अब 6 माह बीत जाने पर स्कीम उसी दशा में है। जिस कारण लोगों ने सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त है। पेयजल स्कीम की मोटरें ठीक न होने के कारण क्षेत्र में तीसरे दिन ही पानी की सप्लाई हो पा रही है। लोगों ने विभाग से समस्या के समाधान की मांग की है। इस संदर्भ में सहायक अभियंता आईपीएच विभाग बड़सर सुशील कुमार का कहना है कि इन उपकरणों के लिए टेंडर कॉल किए हैं, जैसे ही उपलब्ध होते हैं, लगवा दिए जाएंगे।