कुरारा। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से ग्रामीण क्षेत्र में कुपोषण दूर करने में गृह वाटिका उपयोगी साबित हो रही है। इसके तहत गांवों में चालीस महिला कृषकों को वर्ष भर सब्जी उत्पादन का कार्य कराया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा. फूल कुमारी ने बताया क्षेत्र के पडुई, मंगलपुर, बरुआ, बचरौली आदि गांवों में 40 महिला किसानों ने अपने परिवार के उचित पोषण के लिए शुद्ध एवं ताजी सब्जी आहार में दे रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में कुपोषण दूर करने में सहायक हैं। महिला कृषक सुनैना देवी बचरौली ने बताया जबसे गृह वाटिका में सब्जी उत्पादन शुरू किया है। तब से बाजार से सब्जी नहीं खरीदने पड़ती है।
पोषाहार विशेषज्ञों के अनुसार दैनिक आहार में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 300 ग्राम सब्जी का सेवन करना चाहिए। जिसमें 125 ग्राम हरे पत्तेदार सब्जियां, 100 ग्राम कंद फल एवं 100 ग्राम फल वाली शामिल हैं। गृह वाटिका से न केवल ताजी शुद्ध सब्जी प्राप्त होती है। वहीं आसपास का वातावरण भी सुधरा रहता है व बच्चों में बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।
हरी सब्जी में विटामिंस एवं खनिज लवण का खजाना होती है। नियमित सेवन से अनेक बीमारी से मुक्ति मिलती है। मंगलपुर गांव की महिला कृषक बबली देवी ने गृह वाटिका में सब्जी की फसल तैयार की है। इसका निरीक्षण समय समय पर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किया जाता है।
ताजी सब्जियों के साथ वातावरण भी शुद्ध रहता है
अमर उजाला ब्यूरो