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Hamirpur News: सात दशक बाद भी किराये के भवनों में चल रहे 11 परिषदीय विद्यालय

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हमीरपुर। एक तरफ परिषदीय विद्यालयों को चमकाने और स्मार्ट क्लास बनाने के लिए कायाकल्प किया जा रहा हैै। वहीं सात दशक बीतने के बाद भी जिले के 11 परिषदीय विद्यालय आज भी किराए के भवनों में संचालित हैं। जो अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। अध्यापक भी आपत्ति जता चुके हैं। मौदहा में आठ, सदर में दो व राठ में एक विद्यालय संचालित है। सैकड़ों नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के कुल 969 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। 11 विद्यालय आज भी किराए के जर्जर भवनों में संचालित हैं। जिनमें सदर के दो विद्यालयों प्राथमिक विद्यालय यमुनाघाट व कन्या प्राथमिक विद्यालय धर्मशाला को हाल ही में प्राथमिक विद्यालय बोर्डिंग हाउस व प्राथमिक विद्यालय आर्य समाज में शिफ्ट कराया गया है। सबसे अधिक मौदहा नगर के आठ विद्यालय प्रा. विद्यालय चौधराना में तीन विद्यालय संचालित हैं। जिसमें प्रा. विद्या. हुसैनिया व हैदरिया संचालित है। वहीं, प्रा. विद्यालय पूर्वी तरौस, प्रा. विद्यालय नवीन उपरौस, प्रा. विद्यालय प्राचीन उपरौस अत्यंत जर्जर भवन में संचालित हैं। कांशीराम कालोनी स्थित कंपोजिट विद्यालय नया भवन बनने के बाद भी किराये के कमरे में चल रहा है। इसके अलावा प्रा. विद्यालय मराठीपुरा नगर पालिका के रैन बसेरा में संचालित है। इन विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे 521 नौनिहालों का भविष्य दांव में लगा है।
बिवांर(हमीरपुर) में करीब चार सालों से इस विद्यालय के 140 छात्रा-छात्राएं बिवांर मौदहा रोड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय से संबद्ध हैं। जो कन्या विद्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है। विद्यालय भवन अत्यंत ही जर्जर हो जाने की वजह से छत टूट-टूटकर गिरने लगी थी। जिससे कई बच्चे घायल भी हो चुके थे। जिसके चलते इसे दूसरे विद्यालय में संबद्ध किया गया था। वहीं जर्जर भवन के ध्वस्तीकरण के बाद खाली पड़ी इसकी भूमि पर लोगों ने अवैध अतिक्रमण भी करना शुरू कर दिया है। लोगों ने इस पर मवेशी व कृषि यंत्र खड़े करने लगे हैं।
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हाल ही में जिले का प्रभार ग्रहण लिया है। निर्मित भवनों का चार्ज दिलाए जाने की प्रक्रिया जारी है। नए भवनों की तलाश भी की जा रही है। संबंधित बीईओ को निर्देशित किया गया है। जिन विद्यालयों में ज्यादा समस्या थी। उन्हें दूसरे विद्यालयों में संबद्ध्र किया गया है। जल्द ही समस्या से निजात मिलेगी।
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- आलोक सिंह, बीएसए
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