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युवा महोत्सव में कला और संगीत में दिखा हुनर

Thu, 25 Feb 2016 02:06 AM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी में बुधवार को राज्य स्तरीय अंतर विश्वविद्यालयीय युवा महोत्सव का शानदार आगाज हुआ। सांस्कृतिक रैली से शुरू हुए इस दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन नृत्य और संगीत का रंग जमा तो रंगोली, क्ले मॉडलिंग, कार्टून जैसी प्रतियोगिताओं के जरिए युवा प्रतिभाओं का हुनर देखने को मिला। भाषण, वाद-विवाद, काव्य रचना में प्रदेश भर के युवाओं की क्षमता भी सामने आई।
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‘संवेग’ नाम के इस आयोजन की अनौपचारिक शुरुआत सुबह साढ़े नौ बजे हुई, जब प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों (रुहेलखंड यूनिवर्सिटी बरेली, अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा, पूर्वांचल यूनिवर्सिटी जौनपुर, काशी विद्यापीठ वाराणसी, गोरखपुर यूनिवर्सिटी, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी) की प्रतिभाएं यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में इकट्ठा हुईं और बैंड की धुन पर निकली सांस्कृतिक रैली का हिस्सा बनीं। बैंड की धुन पर झूमते युवा यूनिवर्सिटी गेट से निकले और उत्सव जैसा आनंद लेते हुए दीक्षा भवन पहुंचे, जहां महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन होना था। कमिश्नर पी. गुुरूप्रसाद ने बतौर मुख्य अतिथि महोत्सव का उद्घाटन किया।

महोत्सव की मेजबानी पर गोरखपुर यूनिवर्सिटी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाने का काम करते हैं। वह माहौल देख गोरखपुर महोत्सव के दौरान छात्रों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर माफी मांगना भी नहीं भूले। उन्होंने छात्रों से उसे दिल से न लगाने का आग्रह किया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि युवाओं की शक्ति पहचानने और उन्हें सही दिशा देने की जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी की है, जिसे वह बखूबी निभा रही है। उन्होंने कहा कि अगले दीक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी की ओर से दो गोल्ड मेडल सर्वांगीण क्षमता वाले विद्यार्थियों को दिए जाएंगे।
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कुलपति ने बताया कि युवाओं की प्रतिभा निखारने के लिए ही पिछले साल से दीक्षांत समारोह का ‘लोगो’ विद्यार्थियों से ही बनवाया जा रहा है। इसी क्रम में युवा महोत्सव का ‘लोगो’ भी यूनिवर्सिटी के ललित कला विभाग के छात्र सुरेंद्र प्रजापति ने तैयार किया है। डीन डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने आयोजन की जानकारी दी और डॉ. सुषमा पांडेय ने आभार जताया। संचालन डॉ. विनीता पाठक ने की। समापन बृहस्पतिवार को होगा।

पूरे दिन चला प्रतियोगिताओं का दौर
गोरखपुर। युवा महोत्सव के औपचारिक उद्घाटन के बाद प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ। संवाद भवन में समूह गान, एकल शास्त्रीय वादन और गायन में प्रतिभागी अपनी प्रतिभा दिखा रहे थे तो कांफ्रेंस हाल में काव्यपाठ, भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता चल रही थी। भाषण में प्रतिभागी ‘लोकतंत्र में वर्तमान मीडिया की भूमिका’ पर अपना पक्ष रख रहे थे तो वाद-विवाद प्रतियोगिता में ‘आतंकवाद के लिए जैसे को तैसा की नीति उचित है’ पर तीखी नोकझोंक चल रही थी। काव्यपाठ में अपनी रचनाओं के जरिए युवा अपनी साहित्यिक प्रतिभा का परिचय दे रहे थे। वहीं, दीक्षा भवन से आ रही ठहाकों की गूंज भी लोगों को अपनी ओर खींच रही थी। वहां प्रतिभागी एकांकी और प्रहसन में अपनी प्रतिभा साबित करने में जुटे थे।

ललित कला विभाग और कन्वेंशन हॉल में रंगोली, इंस्टालेशन, पोस्टर मेकिंग और क्ले मॉडलिंग में दृश्य कला में प्रतिभागी अपनी कला बिखेर रहे थे। पहले दिन के आयोजन का समापन दीक्षा भवन में हुई सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ हुआ। जिसमें विभिन्न यूनिवर्सिटी से आये प्रतिभागियों ने शिव तांडव, गीत व संगीत का आनंद उठाया। सभी प्रतियोगिताओं के परिणाम बृहस्पतिवार को समापन समारोह के दौरान घोषित किए जाएंगे और उसी समय विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

आज  के आयोजन
सुबह साढ़े नौ बजे : कोलाज प्रतियोगिता
सुबह साढ़े नौ बजे : कार्टून (कन्वेंशन हॉल)
सुबह 10 बजे :  मूक अभिनय (दीक्षा भवन)    
सुबह 10 बजे : एकल सुगम गायन (संवाद भवन)
सुबह 11.00 : समूह लोकनृत्य (दीक्षा भवन)
दोपहर एक बजे : पुरस्कार वितरण समारोह

आज सम्मानित होंगे छायाकार
गोरखपुर। युवा महोत्सव के समापन समारोह के दौरान वे छायाकार भी सम्मानित किए जाएंगे, जिनके छायाचित्रों ने दीक्षांत सप्ताह के दौरान आयोजित हुई फोटो प्रदर्शनी में चार-चांद लगाए थे। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इसी दौरान ‘लोगो’ डिजाइन बनाने वाले प्रतिभागी और जापान जाने वाले रोवर्स और रेंजर्स भी सम्मानित होंगे।

हिस्सा लेकर रोमांचित हूं
महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए जब यूनिवर्सिटी ने मेरा चयन किया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। समूह गायन के प्रतिभागी के रूप में रिहर्सल के समय से ही इस पल का इंतजार था। आज उस पल के आने पर रोमांचित हूं।
- विवियन, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी

भाग्यशाली हूं कि मौका मिला
ऐसे आयोजनों में हिस्सा लेना एक विशेष प्रकार का अनुभव है। भाग्यशाली हूं कि यूनिवर्सिटी ने मुझे यह अवसर दिया है। प्रदेश भर की यूनिवर्सिटी के बीच प्रतिभा दिखाने का अलग उत्साह है। सांग व डांस में हिस्सा लेना है।
- शिवांगी दुबे, अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा

कभी नहीं भूलेंगे ये दिन
प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों के बीच अपनी प्रतिभा साबित करना अपने-आप में एक चुनौती है। यह हमें युवा महोत्सव के रूप में मिली है। महोत्सव के ये खूबसूरत दो दिन जीवन में कभी नहीं भूलेंगे।
- शिखा आनंद, पूर्वांचल यूनिवर्सिटी, जौनपुर

सफलता की पूरी उम्मीद है
पहली बार इतने बड़े आयोजन का हिस्सा हूं। यह सोचकर रोमांचित हो रही हूं। नाटक में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा को साबित करने की तैयारी है। मेहनत की है तो सफलता भी मिलने की पूरी उम्मीद करके आई हूं।
- जूही तिवारी, अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा

बड़ा मंच है तो कद भी बढ़ेगा
आसान नहीं है इतने बड़े मंच पर खुद को साबित करना। लेकिन जिद है कि अगर बड़े मंच पर खुद को साबित कर सका तो निश्चित तौर पर व्यक्तित्व का कद भी बढ़ेगा। ग्रुप डांस और संगीत में खुद को साबित करने आया हूं।
- विजय कुमार गुप्ता, काशी विद्यापीठ, वाराणसी

समूह में सुर छेड़ने आया हूं
यूं तो सुर-संगीत का अभ्यास बहुत दिनों से कर रहा हूं लेकिन वह ज्यादातर एकाकी ही होता है। यहां समूह में सुर छेड़ने की जिम्मेदारी मिली है। अपनी यूनिवर्सिटी के लिए उसे बखूबी निभाकर पुरस्कार लेकर जाने की तमन्ना है।
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- राहुल निवेरिया, अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा
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