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एक साथ चुनाव कराने की राह पर यूपी

Sun, 11 Mar 2018 12:46 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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गोरखनाथ मंदिर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : Amar Ujala
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सभी चुनाव एक साथ कराने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम को अमली जामा पहनाने की दिशा में सूबे की सरकार ने कवायद शरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह की अध्यक्षता में इसके लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी दो महीने में रिपोर्ट और सुझाव देगी, जिसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। सब कुछ अनुकूल रहा तो यूपी में विधानसभा, नगर निगम, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। मतदाता सूची भी एक ही होगी। हर मतदाता को आधार से जोड़ा जाएगा। इससे वोटिंग में फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। सही वोटर ही वोट डाल सकेंगे और मतदाता सूची से नाम गायब होने सहित अन्य समस्याएं खत्म हो जाएंगी।    
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को देर शाम गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। वह रविवार को गोरखनाथ वार्ड के एक बूथ पर वोट डालेंगे, फिर लखनऊ रवाना हो जाएंगे। गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया कर्मियों से लंबी बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में सुधार जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि लोकसभा, विधानसभा सहित अन्य चुनाव एक साथ होने चाहिए। अलग-अलग चुनाव कराने में बड़ा खर्च होता है, जिसका भार देश की गरीब जनता के ऊपर आता है। अब यूपी चुनाव सुधार की राह पर चल पड़ा है। चुनाव सुधार और मतदाता सूची की गड़बड़ी को खत्म करने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें न्यायाधीश, कानूनविद् सहित 10 अन्य को शामिल किया गया है। विस्तृत चर्चा, फीडबैक के आधार पर कमेटी रिपोर्ट देगी। यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हर छह महीने में चुनाव होते हैं। आचार संहिता लगती है। इससे विकास बाधित होता है। जो प्रोजेक्ट बनते हैं, उनकी लागत बढ़ जाती है। इसके अलावा चुनाव कराने में भी बड़ा बजट जाता है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव की मतदाता सूची एक होती है लेकिन जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, ग्राम पंचायत और नगर निगम की मतदाता सूची अलग-अलग होती है। इस कारण बहुत लोग वोट नहीं डाल पाते हैं। ऐसे में वोटिंग में फर्जीवाड़ा भी होता है। मतदाता सूची एक होगी तो गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।  

30 दिन में यूपी बोर्ड की परीक्षा, रिजल्ट 
मुख्यमंत्री ने यूपी बोर्ड की परीक्षा और रिजल्ट घोषित की समय सीमा तय करने का एलान भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड की परीक्षाएं 15 दिन में कराई जाएंगी। 15 दिन में ही रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि परीक्षा और रिजल्ट की कुल प्रक्रिया 30 दिन में पूरी होगी। अभी तीन महीने का समय लगता है। नई व्यवस्था से समय बचेगा। विद्यार्थियों को तनाव नहीं होगा। माता-पिता और अभिभावक भी परेशानी से बच जाएंगे।  

सरल होगा नया पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम में सुधार किया जाएगा। पाठ्यक्रम सरल होगा। अप्रैल 2018 तक पाठ्यक्रम बनकर तैयार हो जाएगा। इसकी पढ़ाई शैक्षिक सत्र 2018-19 से कराई जाएगी। 
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