स्पोर्ट्स कॉलेज में कुश्ती का ट्रायल देते खिलाड़ी।
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वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में चल रहे कुश्ती ट्रायल में खिलाड़ियों ने बेहतर तकनीक और हुनर से प्रतिद्वंद्वी को पटखनी देकर प्वाइंट अर्जित किए। ट्रायल के आखिरी दिन खिलाड़ियों ने जमकर दांव पेच का इस्तेमाल कर प्रवेश की उम्मीदों को कायम रखा। गेम टेस्ट के बाद सभी प्रतिभागियों की मेरिट लिस्ट बनाकर उसे शासन को भेज दी गई है।
गुरुवार को बालक और बालिका वर्ग के गेम टेस्ट में खिलाड़ियों में जमकर जोर आजमाइश हुई। हर खिलाड़ी ने तकनीक और हुनर के जोड़ से विरोधियों को चित कर दिया। बालक और बालिका वर्ग में कुल 20 सीटों के लिए 109 खिलाड़ियों के बीच हुई प्रतिस्पर्धा में खिलाड़ियों निर्णायकों के साथ वहां मौजूद अभिभावकों की भी वाहवाही लूटी। निर्णायकों में रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम के डॉ. हरिराम यादव, मऊ के राजनारायण पटेल और स्पोर्ट्स कॉलेज के रामाकांत आदि खेल अधिकारी मौजूद थे।
अभिभावकों ने बढ़ाया हौसला
ट्रायल के दौरान जो खिलाड़ी विजयी हुआ, उसका विजेता की तरह अभिभावकों ने स्वागत किया। वहीं जो प्वाइंट लेने से चूक गए, उनके अभिभावकों ने भी उनका हौसला बढ़ाया। कई ऐसे भी मिले जो जिन्होंने आगे बेहतर करने की सलाह दी तो कुछ ने इसे बेहतर तैयारी करने का मंच बताया। हालांकि गुरुवार के मुकाबले के बाद सभी अभिभावकों ने अपने पाल्यों के चुने जाने की संभावनाओं को प्रबल बताया।