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महिला की मौत

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एसपी कार्यालय के पास महिला का शव रख कर प्रदर्शन करते परसा मुजहना के लोग - फोटो : BASTI
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पति को जेल, खाना-पीना छोड़ने से महिला की मौत
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ओड़वारा (बस्ती)। पति को फर्जी तरीके से हत्या के मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने से आहत होकर खाना-पीना छोड़ने वाली महिला की सोमवार दोपहर जिला अस्पताल में मौत हो गई। इससे भड़के गांव के लोग शाम करीब साढ़े छह बजे महिला का शव लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। वे एसओ मुंडेरवा सदानंद सिंह को महिला की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
मुंडेरवा थाने के परसा हज्जाम टोला मलिक पुरवा निवासी नीलम की मौत के बाद हंगामा कर रहे लोगों ने बताया कि करीब ढाई साल पहले सोनी नाम की महिला के पति अशोक चौधरी की मौत हो गई थी। तब से वह अपने तीन बच्चों को साथ रहती थी। कुछ महीने पहले उमेश चौधरी के साथ वह पति-पत्नी के रूप में रहने लगी। पहली सितंबर की रात उमेश चौधरी की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। उसकी हत्या के आरोप में नीलम के पति मुरली को जेल हो गई। तब से नीलम ने खाना-पीना छोड़ दिया था। तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई। हंगामे की सूचना पर सदर विधायक दयाराम चौधरी, एसडीएम सदर एसपी शुक्ल, सीओ सिटी आलोक सिंह के अलावा कोतवाल एमपी चतुर्वेदी दल-बल के साथ पहुंचे। लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था।
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फंदे से मुरली ने उतारी थी उमेश की लाश
ओड़वारा (बस्ती)। मुंडेरवा थाने के परसा हज्जाम टोला मलिकपुरवा गांव में एक सितंबर को सोनी के पति उमेश की फंदे से लटकती लाश मिली थी। तब नीलम के पति मुरली ने हंसिया से रस्सी काटकर शव को नीचे उतारा था। इस दौरान गांव के तमाम लोग मौके पर मौजूद थे। घटना के तीसरे दिन पुलिस ने मुरली को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था।
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सूत्रों के अनुसार 28 वर्षीय उमेश की मौत रहस्यमय हाल में हुई थी। उसकी लाश फंदे से लटकती मिली थी। सूचना पर लोगों की भीड़ लग गई। पति के मौत पर सोनी विलाप कर रही थी। भीड़ में मुरली भी था। वह दौड़कर गया और हंसिया ले आया। इसके बाद उसने हंसिया से उमेश के गले में बंधी रस्सी काटी और उसे नीचे उतारा। उसे उम्मीद थी कि उमेश जिंदा है, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। नीलम की मौत पर प्रदर्शन कर रहे गांव के सुमिरन ने बताया कि तीन दिन बाद मुरली एवं कुछ अन्य लोगों को एसओ ने थाने पर बुलाया। बाकी सबको छोड़कर मुरली को उमेश चौधरी की हत्या में तीन सितंबर को जेल भेज दिया। आरोप है कि तभी से मुरली की पत्नी नीलम ने खाना-पीना छोड़ दिया था।
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