बिना छोटे राज्य बने पूर्वी उत्तर प्रदेश का विकास असंभव है। छोटे राज्य होने पर ही लोगों की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। यह बातें राज्य पुनर्गठन महासम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय लोकदल के महासचिव एवं पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहीं। जयंत चौधरी टाउन हाल स्थित एक स्थानीय होटल के सभागार में पूर्वांचल राज्य बनाओ दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधाकर पांडेय के नेतृत्व में आयोजित राज्य पुनर्गठन महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
जयंत चौधरी ने कहा कि विकास के लिए सबसे छोटी इकाई ग्राम सभा है। प्रशासनिक दृष्टि से बड़े राज्य का विकास संभव नहीं है। राष्ट्रीय लोकदल हमेशा से छोटे राज्य की हिमायती रहा है। चुनावों के समय लोग जाति, धर्म, मजहब के बहकाने में आकर विकास को भूल जाते हैं। समय आ गया है कि हम बेरोजगारी, भुखमरी, किसानों की दुर्दशा को लेकर संगठित हों।
इस अवसर पर डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की नीतियों में विश्वास के आधार पर मैंने पूर्वांचल राज्य बनाओ दल का विलय राष्ट्रीय लोकदल में करने की धोषणा की। अध्यक्षता पूर्वांचल राज्य बनाओ दल के जिलाध्यक्ष नर्वदेश्वर तिवारी ने किया। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, पूर्व सिंचाई मंत्री एवं प्रदेश अध्यक्ष रालोद मुन्ना सिंह चौहान, राज कुमार राय आदि ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर जगत शरण, प्रेम सागर त्रिपाठी, जगदंबा शरण श्रीवास्तव, शारदा जायसवाल, डॉ. दिवाकर मिश्र, आजमी साहब, संतोष मिश्र, ओंकार सिंह, मुन्ना सिंह आदि मौजूद रहे।
जयंत चौधरी का किया स्वागत
रालोद के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद जयंत चौधरी के गोरखपुर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर रालोद के जिलाध्यक्ष रमेश सिंह सैंथवार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर नरेंद्र श्रीवास्तव, अनिल पांडेय, राधेश्याम साहनी, राघवेंद्र सिंह, राकेश गुप्ता, प्रदीप निषाद, महातम निषाद, बबलू यादव, सुनील यादव, रजनीकांत मिश्रा, संतोष मिश्रा, महेंद्र श्रीवास्तव, रंजीत दुबे आदि मौजूद रहे।