फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद चर्चा में आएं बीएसए राम सिंह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए है। एक चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में सिद्धार्थनगर के बीएसए राम सिंह के स्थानांतरण के नाम पर 40 लाख रुपये के डील की बात सामने आने के बाद बीएसए चिंतित है। बोले, जब लोग स्थानांतरण के नाम पर 40 लाख रुपये दे सकते है, तो वह कुछ भी करा सकते हैं।
बताया कि इससे पूर्व भी स्थानांतरण के लिए प्रयास हो चुका है। कहा कि यह खेल फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद हुआ है। जान से मारने की धमकी भी मिल चुकी है। सुरक्षा व्यवस्था डीएम और एसपी से मांगी गई थी। कुछ दिनों तक बीएसए कार्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था मिली भी थी। लेकिन स्टिंग ऑपरेशन के बाद यह तो तय हो गया है कि कुछ लोग मुझे जिले से हटाना चाह रहे है, जिससे की फर्जी शिक्षकों की जांच प्रभावित हो सके। कहा कि जब तक मैं जिले में हूं, तब तक निष्पक्ष जांच होगी।
मामले में अब तक 38 शिक्षकों की बर्खास्तगी हो चुकी है। इन पर केस भी दर्ज कराया जा चुका है। और भी शिक्षकों की जांच चल रही है, जिसे प्रभावित करने के लिए यह खेल खेला जा रहा है। कहा कि सरकार मामले में एसआईटी जांच के लिए आदेशित कर चुकी है। ऐसे में भरोसा है कि जो मामले में शामिल है। उसे हर हाल में सजा होगी। उन्होंने कहा कि जांच प्रभावित करने के लिए दो बार मेरे स्थानांतरण की चर्चा जिले में की गई। लेकिन सफलता नहीं मिली। इस वजह से यह सब किया जा रहा है।