गोरखपुर।
किसानों को उनकी उपज का लाभकारी
मूल्य दिलाने के लिए सरकार
की तरफ से धान खरीद की व्यवस्था
की गई है। संभागीय खाद्य
नियंत्रक का दावा है कि जिले
में 85
स्थानों
पर धान क्रय केंद्र खोले गए
हैं। जिले में 3
नवम्बर
तक 28
मैट्रिक
टन धान की खरीद की जा चुकी है।
वहीं एक किसान नेता का कहना
है कि धान की खरीद कहां हो रही
है किसी को पता ही नहीं है।
गगहा
ब्लॉक के किसान नेता सबल सिंह
का कहना है कि सरकारी दावे
चाहे जितने लंबे चौड़े हों
पर हकीकत उससे कोसाें दूर है।
उनके ब्लॉक में किस स्थान पर
खरीदारी हो रही है किसी को पता
नहीं है। खरीद समितियों पर
होती है या हाट शाखा के सेंटर
पर,
लेकिन
तीन साल से हाट शाखा बंद है।
जबकि वहां पर ब्लॉक के ढाई
दर्जन गांवों के किसानों का
धान और गेहूं खरीदा जाता था।
गगहा ब्लॉक में खरीद की बात
छोड़िए किसी को यह भी नहीं
पता कि कहां केंद्र स्थापित
हैं। किसान अपना धान बेचने
को परेशान हैं। मजबूर होकर
वह अपना उत्पाद बिचौलियों के
हाथों औने-पौने
दाम पर बेचने को मजबूर हैं।
अधिकारी जनता को गुमराह कर
रहे हैं या सरकार यह तो वही
जाने पर किसान यह जान गया है
कि उसके धान की खरीद की कहीं
कोई व्यवस्था नहीं की गई है।