रात से सुबह तक कोहरे का प्रकोप, दिन में तेज धूप और शाम होते ही तेज सर्द हवाएं। मौसम का यह रुख जहां फसलों की सेहत सुधार रहा है तो वहीं दूसरी ओर लोगों के सेहत पर भारी पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक मौसम का यह मिजाज अभी बरकरार रहने की संभावना है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. अशरफ हुसैन इस मौसम को गेहूं की खेती के लिए वरदान बता रहे हैं। उनका कहना है कि हालांकि गेहूं को यह ठंड देर से मिली लेकिन देर से गेहूं बोने वाले किसानों को इसका फायदा मिलेगा। दाने मोटे होंगे, जिससे पैदावार बढ़ेगी। सरसों के लिए भी यह मौसम फायदेमंद है। बशर्ते आसमान में लंबे समय तक बादल न रहे। बादल यदि न हों तो आलू की पैदावार भी ठीक होगी।
उधर, मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. राज किशोर सिंह 24 घंटे तापमान में भारी अंतर को लोगों के लिए खतरनाक बता रहे हैं। डॉ. सिंह के मुताबिक ऐसा मौसम हार्ट, सांस, दिमाग के रोगियों के लिए दिक्कत भरा है। मौसम में बदलाव से जहां सांस के मरीज ओपीडी में ज्यादा आ रहे हैं, वहीं दिल के रोगियों की संख्या भी बढ़ी है। ब्रेन अटैक की संभावना भी यह मौसम बढ़ा देता है। व्यायाम और टहलना प्रभावित होने से डायबिटीज के रोगियों को शुगर नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।
बुधवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच 15 डिग्री सेल्सियस के अंतर भरे मौसम के सवाल मौसम विशेषज्ञ शफीक अहमद का कहना है कि यह सिलसिला अभी जारी रहेगा। हालांकि कोहरे का प्रभावी दिन-ब-दिन खत्म होगा। लेकिन इसके पूरी तौर पर खत्म होने के लिए कम से कम एक सप्ताह का इंतजार करना होगा।