फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच बड़े नालों की जल्द होगी सफाई 

Thu, 01 Jun 2017 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
नवीन गल्ला मंडी में भरे पानी को निकालते व्यापारी। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
शहर में जलभराव, गंदगी और कचरे ने आम लोगों के लिए परेशानियों का अंबार खड़ा कर दिया है। इन्हीं समस्याओं से निजात दिलाने के लिए बुधवार को नगर निगम ने गेस्ट हाउस में आपातकालीन बैठक की। इसमें शहर के पांच बड़े नालों की सफाई कराने पर फैसला हुआ और वार्डों से नियमित रूप से कचरा उठाने पर चर्चा हुई। यही नहीं, दो मलिन बस्तियों में 250 परिवारों को दो अलग-अलग रंगों के डस्टबिन देने का भी निर्णय हुआ। इसके साथ ही वार्ड में कचरा जलता पाए जाने पर संबंधित सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई को यकीनी बनाने को कहा गया।
विज्ञापन


सहायक आयुक्त संजय शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में एयरपोर्ट से गोरखनाथ, सर्किट हाउस सड़क पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। तय हुआ कि एक से 15 जून तक पांच बड़े नालों की सफाई कराई जाएगी। इनमें रोहित नदी केे पास से जश्न मैरेज हाउस, चंद्रा पेट्रोल पंप होते हुए गोरखनाथ चिकित्सालय तक का नाला, चिलुआताल से मोहरीपुर होकर बीएन डायर्स तक का नाला, रामगढ़ परसइयों से भगत चौराहा, देवरिया बाईपास मोड होकर रुस्तमपुर पावर हाउस, फलमंडी चौराहा होते हुए प्रेमचंद पार्क तक का नाला, रामगढ़ताल, मोहद्दीपुर आरकेबीके से बिछिया जेल के पीछे होकर गोड़घोइया पुल, मेडिकल कॉलेज के पास तक का नाला और गोड़ घोइया नाले से खजांची चौक, राप्तीनगर चौक, एचएन सिंह चौक होते हुए विष्णु मंदिर तक का नाला शामिल है। इनकी लंबाई तीन से आठ हजार मीटर तक है। सुबह आठ बजे से 30 कर्मियों, पौकलेन मशीन की मदद से अलग-अलग दिनों में काम कराया जाएगा। 

बैठक में हुए फैसले 
- पांच बड़े उन नालों की सफाई कराई जाए, जहां कभी सफाई नहीं हुई 
- विश्व पर्यावरण दिवस पर एक जून से पांच तक विशेष सफ ाई अभियान चलाया जाएगा 
- एयरपोर्ट से गोरखनाथ, सर्किट हाउस तक सड़क पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
- दो मलिन बस्तियों में 250 परिवारों को दो रंगों के डस्टबिन बांटे जाएंगे 
- बरसात के समय क्रास नालियों की तत्काल सफ ाई कराई जाएगी
- वार्डवार पशुओं की सूची तीन दिन में तैयार कराई जाएगी
- दिन, कर्मचारी, समय और संसाधन भी तय किए गए
  बारिश के अगले दिन भी शहर गंदा, साफ-सफाई नहीं 
बारिश के अगले दिन बुधवार को भी शहर की हालत बदतर थी। सब्जी मंडी, फल मंडी, राजीव नगर, बुद्ध विहार, दुर्गा पुरम और धर्मशाला सहित अधिकतर क्षेत्र जलभराव, गंदगी और सिल्ट से पटे थे। मंडी में तो कीचड़ के चलते प्रवेश करना मुश्किल हो रहा था। कई क्षेत्रों में बारिश का गंदा पानी भरा था। इस वजह से राहगीर, व्यापारी और चालकों को खासी दिक्कतों से गुजरना पड़ा। वार्डों में नालियों में से सिल्ट निकालकर बाहर रखी गई थी। शहर के अधिकांश हिस्से गंदगी से पटे रहे।
विज्ञापन


फ ल मंडी और सब्जी मंडी में सिल्ट जमा हो जाने से वाहनों के चक्के जाम हो जा रहे थे। मोटरसाइकिल, रिक्शा और आटो फंस रहे थे। यहां एक फ ीट तक सिल्ट जमा थी। मंडी के ज्यादातर हिस्सा कीचड़ से सना था। कीचड़ में फं से वाहनों को निकालने के लिए धक्के लगाने पड़ रहे थे। मंडी में मीडिया वालों को देख लोग इकट्ठा हो गए और गंदगी को लेकर नगर निगम पर बरसने लगे। इसी तरह से बुद्ध नगर, बुद्ध विहार, धर्मशाला, टाउन हाल, जिला पंचायत, कचहरी, बेतियाहाता आदि इलाकों में बारिश का पानी भरा था। शहर में दुकानों के आसपास मंगलवार को जहां पानी भरा था, बुधवार को वहां कीचड़ जमा था। 
विज्ञापन


शहर की साफ-सफाई को लेकर रणनीति बनाई गई है। आपातकालीन बैठक बुलाकर संबंधित स्टाफ, सुपरवाइजरों को जल्द से जल्द नालों की सफाई करने को कहा गया है। 
-संजय शुक्ला, सहायक नगर आयुक्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें