गोरखपुर। नगर निगम बोर्ड में बुधवार को कार्यकारिणी के छह सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन खरीद-फरोख्त की वजह से ही संभव हो पाया। वीडियो क्लिप में इस सौदेबाजी की बात सामने आ रही है। इसमें एक लाख रुपये लेकर पर्चा वापसी की बात कही जा रही है।
बुधवार को नगर निगम कार्यकारिणी के छह रिक्त पदों के लिए निर्वाचन हुआ। इसमें सपा ने चार और भाजपा ने तीन प्रत्याशियों को मैदान में उतारने की घोषणा की थी। सपा में यह निर्णय पार्टी स्तर पर हुई बैठक के बाद लिया गया, लेकिन भाजपा में प्रत्याशियों के नाम नगर निगम पार्षद दल के स्तर पर ही तय कर दिए गए।
ऐन मौके पर भाजपा के एक प्रत्याशी ने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया, जबकि पार्टी के एक अन्य प्रत्याशी ने पर्चा भर कर दावेदारी तो की, लेकिन कुछ समय बाद वे भी पीछे हट गए। छह पदों के लिए सात प्रत्याशियों की दावेदारी से चुनाव की संभावना बनने लगी। ऐसे में कुछ प्रत्याशियों के निर्वाचन को लेकर संशय वाली स्थिति उत्पन्न हो गई।
इसी के बाद शुरू हुआ खरीद-फरोख्त का खेल। इसी दौरान रिकार्ड की गई वीडियो क्लिप में एक लाख रुपये लेकर पर्चा वापस लेने की बात कही जा रही है।
वीडियो में एक व्यक्ति यह कह रहा है कि एक लड़के को भेज रहा हूं, एक लाख रुपये दे दीजिए, पर्चा वापस ले लिया जाएगा।
हालांकि लेनदेन हुआ या नहीं, यह पता नहीं चल पाया, लेकिन लेकिन वीडियो क्लिप में दावे के अनुसार कार्यकारिणी के छह सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया।
यह अत्यंत दुखद और गंभीर मामला है। अगर मुझे यह क्लिप मिलती है तो इसकी जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सत्या पांडेय, मेयर