गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव में यदि किसी प्रत्याशी ने जुलूस या रैली निकाली या फिर पोस्टर-बैनर लगाया तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। कुलपति प्रो. अशोक कुमार और चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने सीओ कैंट की मौजूदगी में संवाददाताओं को बताया कि प्रत्याशियों की गतिविधियों को लेकर पूरे शहर में वीडियो रिकार्डिंग कराई जा रही है।
सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि वीडियो रिकार्डिंग में दोषी पाए गए प्रत्याशियों की सूची मंगलवार को चुनाव अधिकारी को सौंप दी जाएगी। कुलपति ने बताया कि किसी भी प्रत्याशी को एक बार जुलूस निकालने की अनुमति होगी, वह भी यूनिवर्सिटी परिसर में। यह जुलूस चुनाव अधिकारी या चीफ प्रॉक्टर की अनुमति के बाद तय समय पर ही निकाला जा सकेगा। इसमें केवल यूनिवर्सिटी के ही विद्यार्थी हिस्सा ले सकेंगे। यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति जुलूस में पाया गया तो प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई होगी। जुलूस में शामिल होने वाले हर विद्यार्थी के पास परिचय पत्र या प्रवेश की फीस रसीद होगी।
फीस रसीद वाले विद्यार्थियों को फोटो आईडी भी दिखानी होगी। चुनाव के मद्देनजर यूनिवर्सिटी के पास पीएसी कैंप कर रही है। सीओ ने बताया कि यूनिवर्सिटी मेन गेट, प्राचीन इतिहास गेट और छात्रावास परिसर को संवेदनशील स्थल माना गया है, जहां पुलिस पिकेट लगाई गई है। हॉस्टल परिसर में पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन की टीम रात 10 बजे से दो बजे तक गश्त करेगी, जिससे वहां आने वाले अराजक तत्वों पर नजर रखी जा सके।
कुलपति ने बताया कि मंगलवार से यूनिवर्सिटी परिसर में केवल मुख्य गेट से ही प्रवेश हो सकेगा। बाकी सभी गेट चुनाव तक के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उन्होेंने बताया कि जीतने के बाद भी यदि कोई पदाधिकारी आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उसे पदच्युत करने की कार्रवाई होगी।
इनसेट
छात्राएं भी यूनिवर्सिटी परिसर में ही देंगी वोट
गोरखपुर। यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार छात्राओं को वोट देने के लिए यूनिवर्सिटी परिसर में ही व्यवस्था की जा रही है। अब तक छात्राओं की वोटिंग महिला हॉस्टल में होती थी। चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने बताया कि परिसर में छात्रों के लिए 16 और छात्राओं के लिए 14 बूथ बनाए जाएंगे। छात्राओं के वोटिंग बूथ का रास्ता यूनिवर्सिटी गेट से अलग रहेगा। छात्राओं के बूथ पर छात्र नहीं जा सकेंगे। वहां जाने की अनुमति सिर्फ प्रत्याशी या उसके एजेंट को ही होगी।
सप्ताह भर में देना हो खर्च का हिसाब
गोरखपुर। प्रत्याशियों को चुनाव के दौरान हुए खर्च का हिसाब चुनाव के बाद एक सप्ताह के भीतर देना होगा। कुलपति ने बताया कि लिंगदोह समिति के मुताबिक एक प्रत्याशी 5000 से अधिक की धनराशि नहीं खर्च कर सकता। हर प्रत्याशी को 28 सितंबर तक खर्च का ब्यौरा देना होगा, जिसकी चुनाव सेल जांच करेगी। जांच में गलत जानकारी पाए जाने पर पदच्युत कर दिया जाएगा।
कुल बिके 124 पर्चे
दो दिन की अवधि में संभावित प्रत्याशियों ने कुल 124 पर्चे खरीदे। अध्यक्ष पद के लिए 24, उपाध्यक्ष के लिए 11, महामंत्री के लिए 22 और पुस्तकालय मंत्री के लिए 14 पर्चों की बिक्री हुई है। प्रतिनिधियों में कला संकाय के लिए 16, विज्ञान संकाय के लिए 11, वाणिज्य संकाय के लिए 10, विधि संकाय के लिए आठ, शिक्षा संकाय के लिए दो और छात्रावास के लिए छह पर्चें खरीदे गए हैं।
आज से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
नामांकन पर्चों की बिक्री के बाद दो दिवसीय नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो रही है। मंगलवार को पदाधिकारी पद के प्रत्याशी पर्चा दाखिल करेंगे, जबकि प्रतिनिधियों के पर्चा दाखिले के लिए बुधवार का दिन तय है। नामांकन सुबह 11 बजे से तीन बजे तक होगा। चुनाव अधिकारी ने बताया कि नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को जुलूस के साथ आने की इजाजत नहीं होगी। एक प्रत्याशी के साथ ज्यादा-ज्यादा पांच समर्थकों को साथ आने की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद नामांकन सही पाए जाने पर हर प्रत्याशी को अपने एक एजेंट का नाम देना होगा, जिसे मतदान और मतगणना के दौरान प्रत्याशी के साथ रहने की इजाजत होगी।
आपदा प्रबंधन के छात्र भी देंगे वोट
पिछले सत्र के आपदा प्रबंधन के विद्यार्थी भी इस चुनाव में वोट दे सकेंगे। उनकी परीक्षा न हो पाने के चलते यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें यह छूट दी है। यही अनुमति विधि के उन विद्यार्थियों को दी गई है, जिनका सत्र नियमित नहीं है।
एडमिशन प्रक्रिया बंद
खाली सीटों वाले विभागों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया पर छात्रसंघ चुनाव के मद्देनजर कुलपति ने रोक लगा दी है। ऐसा वोटर लिस्ट का अंतिम रूप देने के लिए किया गया है। यह प्रक्रिया अब चुनाव के बाद शुरू होगी। इस दौरान रिन्यूवल प्रक्रिया भी ठप रहेगी।