मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए की जाने वाली कवायदों में से वोटर पर्ची की भी भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मतदान केंद्र पर जाकर वोटर लिस्ट में नाम खोजने या वोटर कार्ड नहीं होने से कई मतदाता वोट ही डालने नहीं जाते हैं। इन दुश्वारियों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने सभी मतदाताओं के घर वोटर पर्ची पहुंचाने का निर्देश दिया था। इसे लेकर लंबी गाइडलाइन भी जिला प्रशासन को जारी हो चुकी है। इसके बावजूद शहर समेत जिले की कई विधानसभाओं के तमाम वोटरों तक वोटर पर्ची नहीं पहुंची।
जिला प्रशासन ने भी सभी बीएलओ को चेतावनी दी थी कि अगर वोटर पर्ची सभी मतदाताओं के घर तक नहीं पहुंची तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीएलओ के इस काम की निगरानी के लिए अलग से अफसरों को भी जिम्मेदारी दी थी। इन तमाम सख्तियों का भी कई बीएलओ पर कोई असर नहीं पड़ा। कई बीएलओ विशेषकर महिलाओं ने तो शहर के पार्षद या मोहल्लों के प्रभावी व्यक्ति के घर पर ही बैठकर मनमाने ढंग से वोटर पर्ची बांट दी तो कई से मतदाता संपर्क ही नहीं कर सके। उनके मोबाइल नंबर भी बंद मिल रहे थे।
शहर के बेतियाहाता, आजाद नगर पूर्वी, राप्तीनगर, गोरखनाथ, सूरजकुंड, नंदानगर, घासीकटरा, घोषकंपनी, रेती, माया बाजार समेत कई मोहल्लों के ज्यादातर घरों में शुक्रवार की शाम तक वोटर पर्ची नहीं पहुंची। इसी तरह बेलघाट, गोला, खजनी, चौरीचौरा, चिल्लूपार समेत कई विधानसभाओं में या तो बीएलओ पहुंचे नहीं या फिर प्रधान आदि प्रभावशाली लोगों के घरों पर बैठकर मतदाता पर्ची बांटने की कागजी औपचारिकता पूरी कर दी।
बीएलओ की तरफ से जिन मतदाताओं के पास वोटर पर्ची नहीं पहुंच सकी है वे भी मतदान कर सकते हैं। जिनके भी नाम वोटर लिस्ट में हैं और अगर वोटर कार्ड नहीं है उनके पास वोट देने के लिए 12 विकल्प हैं। इनमें पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटोयुक्त सर्विस आई कार्ड, फोटोयुक्त बैंक पासबुक, पैन कार्ड, एनपीआर कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन के कागजात, सांसद, विधायक, एमएलसी की तरफ से जारी ऑफिसियल आई कार्ड, आधार कार्ड शामिल हैं।
- सन्ध्या तिवारी, डीएम