अभी तक अगर नगर निगम या नगर पंचायतों के वोटर नहीं बन पाए हैं तो तैयार रहिये। 15 जून से 18 जुलाई तक वोटर बनने का मौका मिलने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर निर्वाचन से जुड़े अफसरों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ओएन सिंह ने निर्देश दिया है कि हर हाल में एक जून से पांच जून तक नगरीय निकायवार, वार्डवार, मतदान केंद्रवार पुनरीक्षण के लिए बीएलओ, पर्यवेक्षकों, सेक्टर अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति कर ली जाए। छह से 10 जून तक कार्यक्षेत्र आवंटन तथा उससे जुड़ी जानकारी उन्हें दे दी जाए। इसी तरह 11 से 14 जून तक प्रशिक्षण का कार्य, 15 जून से 25 जुलाई तक बीएलओ द्वारा घर घर जाकर गणना, सर्वेक्षण तथा पांडुलिपि तैयार कर लिया जाए। 10 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
पुनरीक्षण अभियान के मद्देनजर डीएम ने नगर निगम के अलावा सभी एसडीएम /सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को अपने-अपने तहसील के तहत आने वाले नगर पंचायतों के तहत नगरीय निकायों की निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार- प्रसार कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने पुनरीक्षण के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश के दिन भी संबंधित कार्यालयों खुलने का निर्देश दिया।
15 जून से 18 जुलाई तक होगा आवेदन
19 से 25 जुलाई तक आवेदन पत्रों की जांच
26 जुलाई से 17 अगस्त तक कंप्यूटरीकृत पांडुलिपि तैयार होगी
18 से 25 अगस्त तक दावे-आपत्तियां ली जाएंगी
26 से 30 अगस्त तक आपत्तियों का निस्तारण
10 सितंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
अधिकारियों का प्रशिक्षण चार को
राष्ट्रीय निर्वाचक नामावली संशोधन कार्यक्रम के संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में चार जून को शाम चार बजे प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीएम ने बताया कि इस प्रशिक्षण में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य है।