वार्ड नंबर 30 महेवा गांव के पास ग्रामीणों ने शुक्रवार को न सिर्फ बाउंड्री का काम रुकवा दिया बल्कि उन्होंने बाउंड्री गिरा भी दी। यही नहीं, महेवा गांव से पैदल मार्च निकालते हुए ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंचे। वहां प्रदर्शन कर उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। गांव वालों का आरोप है कि फलमंडी पुलिस की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर कब्जा करके बाउंड्री बनवाई जा रही है, जबकि बाउंड्री बनवाने वालों का कहना है कि उन्होंने बकायदा जमीन की रजिस्ट्री कराई है। प्रशासन चाहे तो कागज की जांच कर सकता है।
महेवा गांव की महिलाएं और पुरुष शुक्रवार की सुबह एकत्र हुए। उन्होंने बाउंड्री का निर्माण करा रहे लोगों को मना किया लेकिन बावजूद इसके काम नहीं रुका। गांव वालों का कहना है कि इसकी सूचना उन्होंने फलमंडी पुलिस को भी दी, लेकिन पुलिस ने कोई पहल नहीं की। इसके बाद गांव वालों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा रोकने के लिए खुद ही कमान संभाल ली। विवाद बढ़ने की जानकारी पर फलमंडी चौकी का एक सिपाही मौके पर पहुंचा। वह गांव वालों को ही समझाने लगा, लेकिन गांव वाले फलमंडी पुलिस पर अवैध कब्जा कराने का आरोप लगाने लगे। इसके बाद गांव वालों ने बाउंड्री गिरा दी। साथ ही वहां पड़ी सीमेंट की बोरियों को नालियों में फेंक दिया। इसके बाद गांव वाले पैदल ही डीएम कार्यालय पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे।
महेवा गांव निवासियों ने डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि कुछ लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। शिकायत करने पर भी पुलिस ने काम नहीं रुकवाया। उन्होंने रजिस्ट्री कराने वालों पर फर्जी तरीके से इंतखाब व खतौनी पर नाम दर्ज कराने का भी आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में धर्मेंद्र कुमार, अंगद साहनी, अवधेश निषाद, मुन्ना लाल, सुरेंद्र साहनी, पन्नेलाल, अवधेश, सुरेश, रामजनत, विकास निषाद, बच्चू लाल, राम बेलास, हरिसरन, चंदा देवी, सच्चिदानंद, चंदन, पुरन, कलपति, द्रोपदी देवी, ज्ञानती देवी, मीता देवी, चंद्रावती देवी, सतीश, सुरेश, पवन, सोना देवी, ज्ञानमती देवी, दीपचंद आदि शामिल थे।