शहर के नंदानगर स्थित सैनिक विहार कॉलोनी के आलोक तिवारी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 332 वीं रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। पिछले साल आलोक को 562वीं रैंक मिली थी। आलोक भारतीय रेलवे में नौकरी कर रहे हैं और तीसरे प्रयास में उन्होंने अपना रैंक सुधारा है।
आलोक ने बीटेक, एमबीए करने के बाद तीन साल पहले माता-पिता, जीजा व दीदी की प्रेरणा से मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ तैयारी शुरू की थी। दिल्ली में रहकर तैयारी के बाद पिछले साल आलोक को आईएएस की परीक्षा में 562 वीं रैंक मिली थी। इंडियन रेलवे में बड़ोदरा में नौकरी करने के साथ तैयारी करते रहे।
आलोक ने केन्द्रीय विद्यालय गोरखपुर से प्रारंभिक पढ़ाई की। इसके बाद नोएडा में बीटेक कंप्यूटर साइंस की डिग्री हासिल की। फिर देहरादून से एमबीए किया। अगले ही साल चेन्नई की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी लग गई। बहनोई, दीदी और बहनोई के बड़े भाई एबीसी पब्लिक स्कूल के निदेशक हेमंत मिश्रा ने उन्हें लगातार आईएएस की तैयारी की प्रेरणा दी। पिता रामनाथ तिवारी आर्मी में लेफ्टिनेंट के पद से रिटायर हुए। उनकी भी इच्छा थी कि आईएएस बनूं।