इंजीनियर के प्रयास से दुबई में फंसे देवरिया और गोपालगंज के आठ युवकों की घर वापसी बुधवार को हो गई। घर पहुंचे युवकों देख परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। पांच युवकों की फ्लाइट शनिवार को दुबई से होगी, बाकी 12 युवकों को भेजने लिए भारतीय दूूतावास की ओर से कोशिशें जारी हैं।
रोजगार के चक्कर में दुबई पहुंचे देवरिया, कुशीनगर, गोपालगंज के 25 युवकों से आठ माह तक एक कंपनी में कार्य कराया गया और सैलरी तक नहीं दी गई। इसका विरोध करने पर कंपनी ने युवकों का पासपोर्ट जब्त कर लिया। तंगहाली में फंसे युवकों का मददगार लार नगर के पिपरा चौराहा निवासी वीरेंद्र सिंह का बेटा इंजीनियर राजीव रंजन सिंह बने। राजीव रंजन ने परेशान युवकों को रहने और भोजन का इंतजाम कराया।
करीब 25 दिनों तक भारतीय दूतावास के प्रयास से कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई तो 13 युवकों का पासपोर्ट मिला। देवरिया के रहने वाले अजय कुशवाहा, करन चौहान, सत्येंद्र चौहान, शिवप्रताप, वीरबहादूर और गोपालगंज के तीन युवकों को मंगलवार की फ्लाइट से लखनऊ भेजा गया। बाकी पांच युवकों की फ्लाइट शनिवार को है।
भारतीय दूतावास के काउंसलर जनरल दुबई विपुल कुमार का सहयोग भारतीय युवकों को वतन वापसी कराने में रहा है। दुबई में इंजीनियर राजीव रंजन की देखरेख में रह रहे 12 युवकों का पासपोर्ट बहुत जल्द मिलने की उम्मीद है। इंजीनियर राजीव रंजन ने बताया कि यहां की कानून प्रक्रिया थोड़ी जटिल होने के कारण विलंब हो रहा है, बाकी युवक भी बहुत जल्द घर चले जाएंगे।