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गोलघर में भूमिगत होंगे बिजली के तार

Sat, 15 Apr 2017 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सांकेत‌िक फोटो - फोटो : LOGO
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बिजली महकमा और नगर निगम गोलघर में ज्वाइंट सर्वे कराने जा रहा है। इसके तहत गोलघर इलाके में एलटी और एचटी लाइन को भूमिगत कराने का प्रस्ताव तैयार होगा। सर्वे के बाद बिजली विभाग स्काडा योजना के तहत इस पर काम शुरू कराएगा। इसके पूरा होने से शहर के सबसे व्यस्त बाजार को तारों के मकड़जाल से निजात मिल जाएगी।
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गोलघर इलाके में कई जगहों पर एलटी और एचटी लाइन अगल-बगल ही है। इससे सटे उपभोक्ताओं के केबल भी हैं। इसके चलते शार्ट सर्किट का अंदेशा बना रहता है। बिजली विभाग ने नगर निगम के साथ ज्वाइंट सर्वे का पूरा मसौदा तैयार कर लिया है। इस हफ्ते से सर्वे शुरू होने की उम्मीद है। सर्वे पूरा होने के बाद इस पर काम शुरू हो जाएगा। एसई महानगर एके सिंह ने बताया कि इसका प्रस्ताव दो वर्ष पूर्व स्काडा योजना के तहत तैयार किया गया था। अब इसे अमलीजामा पहनाने की शुरुआत हो गई है। जल्द ही सर्वे पूरा करके गोलघर में एलटी और एचटी लाइन को भूमिगत करा दिया जाएगा। बांस-बल्ली के खंभों से मिलेगी निजात भविष्य के दृष्टिगत शहर की बिजली व्यवस्था को चौकस करने के लिए बिजली विभाग ने व्यापक कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत शहर के पादरीबाजार, मेडिकल कॉलेज, रुस्तमपुर आदि इलाकों में बांस-बल्ली के सहारे हो रही आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त होगी। इनकी जगह नए पोल लगेंगे और 30 किलोमीटर नए तार बिछाए जाएंगे। इसके साथ 80 किलोमीटर जर्जर तार बदलकर एबीसी लगाने की योजना हैं। इसी कड़ी में शहर में 95 नए ट्रांसफार्मर लगेंगे। 1000 नए पोल लगाने के साथ इतने ही खंभों की मरम्मत का काम भी विभाग की योजना में शामिल है।

योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही शहर को 24 घंटे बिजली सप्लाई देने की घोषणा हुई। सप्लाई भरपूर मिल रही है लेकिन जर्जर व्यवस्था इसमें रोड़े अटका रही है। कई इलाकों में जर्जर तार और खंभे फॉल्ट का सबब बन रहे हैं। इससे शहर के इन क्षेत्रों में अक्सर बिजली गुल हो जा रही है। इससे निपटने के लिए बिजली विभाग संसाधन दुरुस्त करने में जुट गया है। 118 करोड़ की आईपीडीएस योजना का बड़ा हिस्सा इसमें खर्च करने की तैयारी है। इसके तहत 30 किलोमीटर एलटी लाइन बनानी है और 80 किलोमीटर जर्जर एलटी तारों को एबीसी से बदला जाना है। इसी योजना से 70 ट्रांसफार्मर भी लगने हैं। इसके साथ ही स्काडा योजना से भी 25 ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। नए तार बिछाने में हजार खंभे लगेंगे। विभाग इतने ही खंभों की मरम्मत भी कराने जा रहा है। एसई महानगर एके सिंह ने बताया कि शहर की बिजली व्यवस्था को भविष्य के लिहाज से सुदृढ़ कराने के लिए काम शुरू हो गया है। 
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नए उपकेंद्र बनेंगे, एचटी लाइन हो रही दुरुस्त
धर्मशाला, राप्तीनगर, हार्वर्ड बंधा और जेल के आसपास चार नए सबस्टेशन के निर्माण की योजना पर भी काम शुरू हो गया है। धर्मशाला एवं राप्तीनगर में उपकेंद्र निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। शीघ्र यहां काम भी शुरू हो जाएगा। सूरजकुंड और दुर्गाबाड़ी में 33 केवी लाइन के दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है तो वहीं यूनिवर्सिटी, बक्शीपुर, लालडिग्गी उपकेंद्र पर 33 केवी लाइन के मेंटीनेंस का काम भी पूरा होने वाला है। 

बिजली बचाने और चोरी रोकने पर जोर
केंद्र सरकार की मदद से बिजली निगम ने उजाला योजना शुरू कर बिजली बचाने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत बाजार भाव से कम कीमत पर एलईडी बल्ब, ट्यूबलाइट और कम विद्युत खपत वाले पंखों के वितरण का काम भी शहर के चार उपकेंद्रों पर शुरू किया गया है। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए शहर में चेकिंग अभियान शुरू हो चुका है। ज्यादा लाइन लॉस वाले फीडरों पर विभाग की टीम कनेक्शन जांच रही है।
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