गोरखपुर। गोरखपुर-बस्ती मंडल में 22 दिनों में महज दो प्रीपेड मीटर ही लगे है। विभागीय अधिकारी का मानना है कि उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं होने की वजह से इस योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में दो किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन के लिए प्रीपेड मीटर लगवाने की योजना गोरखपुर में दस फरवरी से शुरू हो गई की थी लेकिन विभाग को उम्मीद के मुताबिक लोगों ने प्रीपेड मीटर लगवाने में रुचि कम ही दिखाई।
मंडल में पहला प्रीपेड मीटर बरदगवां के राज कुमार दुबे ने लगवाया था। राज कुमार दुबे की चाय की दुकान है। इसके बाद रूस्तमपुर में एक व्यक्ति ने प्रीपेड मीटर लगवाया। इन दोनों के अलावा अब तक प्रीपेड मीटर किसी ने नहीं लगवाया है।
विभाग की तरफ से भी नहीं दी गई जानकारी
गोरखपुर-बस्ती मंडल में प्रीपेड मीटर दस फरवरी को करीब 6000 की संख्या में आए थे। 15 फरवरी को बरगदवां में पहला प्रीपेड मीटर लगने के बाद 26 फरवरी को रूस्तमपुर में दूसरा प्रीपेड मीटर लगा। विभाग की तरफ से व्यापक प्रचार प्रसार न होने की वजह से लोगों को प्रीपेड मीटर के बारे में पूरी जानकारी नहीं है।
बिजली घरों पर उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया गया है हालांकि अभी प्रीपेड मीटर लगवाने वालों की संख्या कम है। आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ जाएगी।
- दिनेश कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर