यूनिवर्सिटी गेट के सामने प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
गोरखपुर यूनिवर्सिटी से बुधवार को परीक्षा देकर लौट रहे दो विधि छात्रों से मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को पीड़ित छात्रों के पक्ष में छात्रनेता मुखर हो गए और कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही कुलपति से मिलकर फौरन छात्रावासों में अवैध रूप से जमे अराजक तत्वों को बाहर करने की मांग की। छात्रों से वार्ता के बाद देर शाम कुलपति ने लॉ के दो पेपर टाल दिए। वहीं आरोपी छात्रों ने भी खुद के साथ अन्याय होने की बात कहते हुए यूनिवर्सिटी गेट पर प्रदर्शन किया।
बता दें कि बुधवार को परीक्षा देकर लौट रहे विधि छात्र पुष्पेंद्र कुमार और प्रवेश के साथ मारपीट हुई थी। इससे क्षुब्ध छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव और उपाध्यक्ष अखिल देव त्रिपाठी ने अन्य छात्रों के साथ कुलपति प्रो. अशोक कुमार से गुरुवार को मुलाकात की। छात्रों ने संतकबीर छात्रावास में जमे अराजक तत्वों को बाहर निकालने की मांग की। कुलपति ने कहा कि जिन छात्रों ने नवीनीकरण नहीं कराया है उन्हें शनिवार तक की मोहलत दी जाए। सोमवार को उन्हें छात्रावास से बाहर कर दिया जाए।
छात्रों ने छात्रावास के पिछले द्वार पर बेरिकेडिंग करने, पीएससी तैनात करने, मारपीट करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है। कुलपति ने छात्रों को विश्वास दिलाया कि मांगे जल्द पूरी की जाएंगी। उन्होंने पीड़ित छात्र पुष्पेंद्र से लिखित शिकायत मांगते हुए मारपीट करने वालों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उधर छात्रनेताओं की वार्ता के बीच मारपीट के आरोपी सुमित राय ने यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए अपने साथ अन्याय होने की बात कही है। उन्होंने गत दिवस कैंट थाने में तहरीर भी दी थी।
21 और 22 की परीक्षा टली
बुधवार की घटना को लेकर विधि विभाग में 21 और 22 अक्टूबर की परीक्षाएं टाल दी गई हैं। पीड़ित छात्रों ने मांग की थी कि घटना के बाद वह मानसिक तौर पर परीक्षा के लिए तैयार नहीं है। छात्रावास में अराजकतत्वों की हरकतों की वजह से पढ़ाई का माहौल नहीं बन पा रहा है। इसके बाद कुलपति ने दो पेपर टालने का निर्णय लिया। कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक स्वास्थ्य खराब होने के चलते बाहर हैं। उनके आते ही नई तिथि घोषित कर दी जाएगी।