गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे यूनिट को बदइंतजामी से उबरने की कवायद शुरू हो गई है। पिछले कुछ दिनों से खराब मशीनों से जूझ रहे कॉलेज प्रशासन ने दो नई मशीन खरीदने का फैसला किया है। मशीनों की खरीद का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। इसके अलावा दो खराब मशीनों को बनवाने में भी कॉलेज प्रशासन जुट गया है।
कॉलेज सूत्रों के मुताबिक जर्जर पड़ी मशीनों को लेकर अखबार में छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह ने कॉलेज प्रशासन से फोन पर बात कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। कॉलेज की ओर से कई मशीनों की मियाद पूरी हो जाने की जानकारी दी गई। राज्य मंत्री ने व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कॉलेज की जरूरत पूछी तो दो नई मशीनों की तत्काल जरूरत बताई गई। उन्होंने शासन से बात करने के बाद कॉलेज प्रशासन को प्रस्ताव भेजने को कहा।
इसी क्रम में कॉलेज ने दो मशीनों का प्रस्ताव बनाकर शासन को प्रेषित कर दिया है। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य प्रो. सतीश कुमार ने बताया कि इसके साथ ही जर्जर मशीनों को कंडम घोषित करने की की अनुमति शासन से मांगी जा रही है, जिससे खराब और कारगर मशीनों को कागज पर अलग किया जा सके और मशीनों की संख्या को लेकर किसी तरह के भ्रम की स्थिति न रहे। उन्होंने बताया कि पहले से प्रस्तावित एक अल्ट्रासाउंड मशीन समेत दो एक्स-रे मशीनों के लिए 93 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।