रिजर्व टिकट होने के बाद भी यात्री को सफर करने के लिए एक हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ा। यात्री के वोटर आईडी कार्ड को फर्जी बताकर टीटीई ने जबरिया जुर्माने की रसीद काट दी। यात्री ने टीटीई पर बदसलूकी के साथ मनमानी करने का आरोप लगाते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु के साथ मध्य रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
गगहा के अहिरौली गांव निवासी कृष्ण प्रताप 16 जून को एलटीटी गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से गोरखपुर आ रहे थे। स्लीपर कोच एस 4 में चार नंबर बर्थ उन्होेंने आरक्षित करा रखा था। कृष्ण प्रताप का आरोप है कि टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई प्रकाश नायक को उन्होंने वोटर आईडी कार्ड दिखाया। जिसे उन्होंने फर्जी बताकर मेरे टिकट पर ‘नो ओरिजनल आईडी शो’ लिखकर एक हजार रुपये जुर्माना की रसीद काट दी। जबकि मैंने टीटीई से अनुरोध किया कि इंटरनेट पर मेरे आईडी को चेक करा लें। मेरी बात अनसुनी करके उन्होंने बदसलूकी की और ट्रेन से नीचे उतारने की धमकी भी दी। कृष्ण प्रताप ने रेल मंत्री से मामले की जांच कराकर टीटीई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।