पेड़ और बिजली के खंभों के टूटने से शनिवार को शहर के तमाम इलाकों में तीन घंटे से लेकर पांच घंटे तक बिजली गुल रही। इससे कहीं पानी का संकट खड़ा हो गया तो कहीं लोग गर्मी से बेहाल रहे। इंसुलेटर पंक्चर हो जाने से महेवा क्षेत्र में भोर के साढ़े तीन बजे से सुबह साढ़े छह बजे तक बिजली गुल रही, जिसकी वजह से उस क्षेत्र में सप्लाई के पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
इसी तरह अज्ञात वाहन की ठोकर से गोरखनाथ क्षेत्र में एक बिजली का खंभा और तार टूट गए जिससे ग्रीन सिटी से जुड़े फीडर के सैकड़ों घरों में सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक बिजली कटी रही।
इसी तरह मेडिकल कालेज रोड स्थित खरैया पोखरा में पेड़ की डाल गिरने और आदित्यपुरी में तार टूटने की वजह से इन इलाकों के अलावा पूर्वी बशारतपुर, अशोक नगर, शक्तिनगर, एचएन सिंह चौक समेत कई इलाकों में दोपहर डेढ़ बजे से पांच बजे तक बिजली कटी रही। उधर शाम को कार्मल रोड पर पेड़ गिर जाने से आस-पास के इलाकों में करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
पानी को तरसे सैकड़ों परिवार
रात में होने वाली अघोषित बिजली कटौती शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। जिन इलाकों में टंकी के जरिए पानी की सप्लाई होती है, वहां रात की कटौती की वजह से टंकी नहीं भर पा रही है। ऐसे में पानी की आपूर्ति बाधित हो जा रही है और इस भीषण गर्मी में लोगों को पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है। शनिवार को ऐसे ही दिक्कत महेबा स्थित टंकी के भरोसे रहने वाले सैकड़ों परिवारों को झेलनी पड़ी। दोपहर बाद पानी की सप्लाई बहाल हो सकी।
दरअसल आधे शहर में टंकी भरने के बाद पानी की सप्लाई होती है, लेकिन इन दिनों रात के वक्त बिजली कटने की वजह से लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ जाता है। शुक्रवार रात बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाने के कारण महेबा स्थित पानी की टंकी नहीं भर सकी, जिस वजह से महेबा, ट्रांसपोर्ट नगर, रुस्तमपुर, महुई सुघरपुर, चिलमापुर, राजीवनगर में सुबह की सप्लाई ठप रही। सुबह के वक्त पानी की सप्लाई नहीं आने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। इन इलाकों के लोग हैंडपंप तलाशते रहे।
रात के वक्त बिजली कटने की वजह से टंकी नहीं भरी जा सकी थी। इस वजह से सप्लाई में दिक्कत हुई। सुबह डायरेक्टर पानी की सप्लाई की गई, लेकिन प्रेशर नहीं बन पाने की वजह से कई इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
- रामकैलाश, सहायक अभियंता, जलकल