गंभीर हृदय रोगियों को अब ओपन हार्ट सर्जरी के लिए लखनऊ या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। शहर के फातिमा हॉस्पिटल में अब यह सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में गंभीर हृदय रोग के मरीजों की ओपन हार्ट सर्जरी से लेकर आधुनिक चिकित्सा की व्यवस्था शुरू हो गई है।
हृदय रोग पर सतत चिकित्सा शिक्षा के तहत शहर के हृदयरोग, बाल रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और पैथोलॉजिस्टस की कार्यशाला का आयोजन शनिवार देर शाम होटल रेडिशन ब्लू में किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक शोधों की जानकारी दी।
वरिष्ठ हृदय रोग सर्जन डॉ. नितिन कुमार गुप्ता ने बताया कि हृदय रोगी के लिए समय पर सही इलाज बहुत अहम होता है। जितनी जल्दी इलाज मिले जीवन की संभावनाएं उतनी ही ज्यादा होती हैं। बताया कि इस समय प्राइमरी एंजियोप्लास्टी पूरी दुनिया में बेस्ट थेरेपी मानी जाती है। इसे गोल्ड स्टैंडर्ड कहा जाता है।
कार्डियक इंटेंसिविस्ट डॉ. अजय शुक्ला ने बताया कि अस्पताल में हार्ट टीम किसी भी मरीज को सर्वश्रेष्ठ इलाज दिए जाने का निर्णय लेती है। डॉ. दिव्या ने बताया कि हृदय रोगियों को बिना जरूरत पूर्ण रक्त नहीं दिया जाना चाहिए। खून के जिस कंपोनेंट की जरूरत हो वही दी जाए। बस ध्यान इसका रखना चाहिए कि रक्त ताजा हो तो अच्छे परिणाम आते हैं।
फातिमा अस्पताल के निदेशक फादर साबू ने बताया कि हार्ट टीम में देश के सर्वश्रेष्ठ हृदयरोग चिकित्सक एक ही जगह मौजूद हैं, जिससे मरीज को इधर उधर भागना नहीं पड़ेगा और कम पैसे में बेहतर इलाज मिलेगा। इस मौके पर शहर के डॉ. नवनीत जयपुरिया, डॉ. अखिलेश पटेल, डॉ. राजेश पांडेय, डॉ. विनय सिन्हा, डॉ. केके श्रीवास्तव, डॉ. एके मल्ल, डॉ. ममता शुक्ला, डॉ. गिरिराज शरण, डॉ. विजय पांडेय, डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, डॉ. दिव्या राय ने भाग लिया। संचालन डॉ. अजय शुक्ला ने किया।