हॉकी के बढ़ावे के लिए भले ही बड़े-बड़े दावे हों लेकिन इसकी हकीकत कुछ और ही है। खेल निदेशालय ने हॉकी का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर में इस बार प्रशिक्षण कैंप लगाने से इन्कार कर दिया है। जबकि इस वक्त गोरखपुर की बेटी प्रीति दुबे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रही है। हालांकि खेल अधिकारी पिछले सत्र में हॉकी के खराब प्रदर्शन को इसका मुख्य कारण मान रहे हैं। इस सत्र में अब आठ खेलों का प्रशिक्षण कैंप चलेगा।
खेल निदेशालय ने संविदा प्रशिक्षकों की दूसरी लिस्ट जारी की है, जिसमें कबड्डी, जिम्नास्टिक, फुटबॉल, वॉलीबॉल और बैडमिंटन के प्रशिक्षण कैंप के लिए प्रशिक्षक तैनात कर दिए गए हैं। वहीं हॉकी, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग का प्रशिक्षण कैंप बंद कर दिया गया है। इससे बॉक्सिंग, हॉकी और एथलेटिक्स के खिलाड़ी व कोच निराश हो गए हैं। इस बार स्टेडियम में जिम्नास्टिक के लिए सीमा विश्वकर्मा, फुटबॉल के लिए नेहा खानम, वॉलीबॉल के लिए अमिता कुशवाहा, कबड्डी के लिए विजयलक्ष्मी सिंह और बैडमिंटन के लिए अनंतदीप मिश्रा अंशकालिक कोच होंगे।
पहली लिस्ट में थे तीन कैंप
स्टेडियम में नए सत्र से पहली बार प्रशिक्षण कैंप एक अप्रैल से शुरू हो गया है। खेल निदेशालय की तरफ से पहली लिस्ट में तीन कैंप दिए गए थे। जिसमें कुश्ती, हैंडबॉल व भारोत्तोलन थे, जिनका प्रशिक्षण कैंप चल रहा है। अब सत्र 2016-17 में आठ खेलों के कैंप चलेंगे।
हॉकी के कैंप के लिए खेल निदेशालय में पत्र भेजा जाएगा। जिन प्रशिक्षकों की तैनाती हुई है, उन्हें 15 जून तक शपथ पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र देकर शिविर शुरू करने का निर्देश दिया गया है। 22 जून तक अगर कोच अपनी तैनाती की सूचना नहीं देते हैं तो उनकी तैनाती निरस्त मानी जाएगी।
- एसएएच नकवी, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी