फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दवाएं न सिरिंज, कहने को मेडिकल कॉलेज 

Sun, 15 May 2016 08:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में दवाओं की किल्लत दूर नहीं हो पा रही है। बीते दिनों कुछ दवाएं तो आई है मगर मात्रा कम होने की वजह से मरीजों को इसका खासा फायदा नहीं मिल पा रहा है। सर्जिकल उपकरण आज तक नहीं पहुंच सके । अस्पताल में न दवाएं है और न तो सिरिंज।
विज्ञापन


आलम यह कि मरीज के तीमारदार दवाएं खरीदकर ला रहे हैं उसके बाद ही मरीज का उपचार शुरू हो पा रहा है। करीब तीन महीने से यही हालात बने हुए हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से दवाओं का रिमाइंडर भेज रहा है। दवाएं नहीं होने से अस्पताल का मेडिकल स्टोर सिर्फ खुलता और बंद होता है।

डॉक्टर द्वारा लिखे जाने के बाद काउंटर पर रोजाना दवाओं को लेकर विवाद हो रहा है। मरीज दवाओं की मांग करते है तो फार्मासिस्ट दवा न होने की बात कहकर लौटा देते हैं। बुधवार को एक कैदी ने दवाओं को लेकर जमकर हंगामा मचाया था और डॉक्टर को खुद के पैसे से दवाएं मंगाने के बाद मामला शांत हुआ।
विज्ञापन


अस्पताल में मरीज को लगने वाले इंजेक्शन, सिरिंज, इंट्रा कैथ तक नहीं है। बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मरीज को अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दवा सप्लाई करने वाली कंपनी बकाए की वजह से आपूर्ति करने से पहले ही इंकार कर चुकी है। बीच में कुछ भुगतान करने के बाद ग्लूकोज आदि की आपूर्ति हुई थी। ओपीडी का भी बुरा हाल है। यहां आने वाले मरीजों को दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। 
विज्ञापन


कुछ दवाएं आई हैं। डिमांड भेजा गया है जल्द ही दवाओं की कमी दूर हो जाएगी।
डॉ. एके श्रीवास्तव, चिकित्सा अधीक्षक
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें