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रिपोर्ट ही तय करेगी एम्स का भविष्य

Fri, 01 Jul 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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एम्स
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 एम्स की स्थापना को लेकर मचे घमासान के बीच अब केंद्र सरकार की तरफ से भेजी गई टीम की रिपोर्ट फर्टिलाइजर में एम्स का भविष्य तय करेगी। एक सप्ताह पूर्व टीम ने यहां का दौरा किया था। अब तक रिपोर्ट केंद्र सरकार को मिली नहीं है। सांसद आदित्यनाथ का कहना है कि टीम रिपोर्ट देने जा रही है। उसके बाद निर्णय होगा।
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डेढ़ साल पूर्व केंद्र सरकार ने गोरखपुर में एम्स की स्थापना की घोषणा कर प्रदेश सरकार से जमीन उपलब्ध कराने को कहा था। प्रदेश सरकार ने जिस जमीन को एम्स के लिए दिया वह जमीन विवादित निकली। उस जमीन पर हाईकोर्ट का स्थगन आदेश है। उत्तर प्रदेश के मंत्री और विधायक यह बयान देते रहे कि केंद्र सरकार और महंत आदित्यनाथ एम्स बनवाना ही नहीं चाहते हैं। प्रदेश सरकार ने जमीन दे दी है। इसी बीच केंद्र सरकार की तरफ से देश में बनने वाले सभी एम्स की बाउंड्रीवाल का टेंडर कर दिया गया। हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी नामक फर्म को गोरखपुर में ठेका भी मिला। फर्म के लोग जब बाउंड्रीवाल बनवाने के लिए पहुंचे तो स्थानीय प्रशासन ने उन्हें न्यायालय के स्थगन की बात कह कर कार्य करने से मना कर दिया।


इसी बीच केंद्र सरकार की तरफ से पांच सदस्यीय टीम गोरखपुर आई और उसने फर्टिलाइजर का स्थलीय निरीक्षण किया। इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, फर्टिलाइजर, पीजीआई चंडीगढ़ तथा एम्स के सदस्य शामिल थे। यह जानने की कोशिश की कि एक साथ एम्स और फर्टिलाइजर कारखाना हो सकता है कि नहीं। हर बिंदुओं पर चर्चा की। स्थानीय लोगों के अलावा पुराने कर्मचारियों से भी बात की। इतना ही नहीं पुराने फर्टिलाइजर में जल की आपूर्ति और वर्तमान में कितने जल का खपत होगी उसकी जानकारी ली। यहां से जाने के बाद टीम ने रिपोर्ट तैयार कर ली। इसमें कुछ पेपर फर्टिलाइजर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, और जिला प्रशासन से मांगा है। उसे एकत्रित करने के बाद केंद्र सरकार को सौंप देगी। महंत आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि एम्स फर्टिलाइजर परिसर में बनने की इजाजत मिल जाएगी।
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