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इंसेफेलाइटिस वार्ड से हटाए गए दूसरे मर्ज के मरीज

Wed, 07 Sep 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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इंसेफेलाइटिस
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इंसेफेलाइटिस वार्ड में दूसरे मर्ज के मरीजों को भर्ती करने पर शुरू हुई तनातनी का मंगलवार को पटाक्षेप हो गया। प्राचार्य के आदेश के बाद इन मरीजों को इंसेफेलाइटिस वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। गंभीर मरीजों को आई और जे केबिन में रखा गया है। इसके अलावा वार्ड 12 और छह से भी मरीजों को इधर-उधर किया गया है। प्राचार्य ने सभी दवाएं उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया है।
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कई दिनों से इंसेफेलाइटिस वार्ड में दूसरे मर्ज के मरीजों को रखने का मामला चर्चा में था। सीएमओ द्वारा दूसरे मर्ज के मरीजों को वार्ड से हटाने के सुझाव पर बाल रोग विभाग की अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए प्राचार्य से सुझाव मांग था। इस पर प्राचार्य प्रो. राजीव मिश्रा ने मंगलवार को बिना वजह इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती दूसरे मरीजों को हटाने का आदेश दे दिया। प्राचार्य मंगलवार को वार्ड में पहुंचे और अपनी मौजूदगी में ही वार्ड से गैर इंसेफेलाइटिस मरीजों को हटवा दिया। इन सब के बीच बुधवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को इंसेफेलाइटिस वार्ड में जाना है। इस दौरान कोई खामी न मिले, इसके लिए सारी व्यवस्था सही की जा रही है। ...फिर भी राहत नहीं 100 बेड के वार्ड से दूसरे मर्ज के मरीज को हटाने के बाद भी कोई खास राहत नहीं मिली। वजह साफ है कि मरीजों की संख्या ज्यादा है और एक बेड पर अब भी दो मरीज मौजूद हैं। 122 मरीज होने की वजह से कई बेड ऐसे हैं, जिनपर दो-दो मरीजों को लिटाया गया है। इंसेफेलाइटिस से पांच की मौत, 32 भर्ती इंसेफेलाइटिस के कहर ने मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटे के भीतर पांच और लोगों की जान ले ली। वहीं 32 नए मरीजों को भर्ती किया गया है। इस तरह जनवरी से अब तक 221 मरीजों की मौत हो चुकी है।24 घंटे में महराजगंज की सपना (7) और आदित्य (5), संतकबीरनगर के मान्द्रवी (4), बिहार के हैपी (8) और देवरिया के मीरू (4) की मौत हुई है, जबकि गोरखपुर के 11, कुशीनगर के पांच, संतकबीरनगर के चार, देवरिया के तीन, महराजगंज के दो, बिहार के तीन, आजमगढ़, बलिया, सिद्धार्थनगर और बस्ती के एक-एक मरीजोें को भर्ती किया गया है। मंगलवार को भर्ती मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य अफसराें की परेशानी बढ़ा दी है। इस साल एक दिन में भर्ती होने वाले मरीजों की यह सर्वाधिक संख्या है।
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