गोरखपुर। न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली नई दिल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस (12524) कैंट स्टेशन से सोमवार को जैसे ही आगे बढ़ी कि गलत रूट की गफलत में काफी संख्या में यात्री चलती ट्रेन से कूदने लगे। इस दौरान कई यात्रियों को चोटें भी आई। हालांकि आरपीएफ ने चेन पुलिंग कराके ट्रेन को रोकवाया और यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। इसके बाद ट्रेन बदले रास्ते वाया नरकटियागंज रवाना की गई।
हाजीपुर में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते नई दिल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस को देवरिया के बजाय नरकटियागंज के रास्ते रवाना करना था। सोमवार को कोहरे के चलते सुबह 4.25 बजे आने वाली नई दिल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस दोपहर करीब दो बजे कैंट स्टेशन से बदले रास्ते पर बढ़ी तो रेलवे के इस फैसले से अनजान यात्रियों में भ्रम की स्थिति बन गई। वे बोगियों से सामान लेकर कूदने लगे। आरपीएफ को पता चला तो ट्रेन को रुकवाया गया। इसके पूर्व कई यात्री घायल हो चुके थे। इन यात्रियों का प्राथमिक उपचार कैंट स्टेशन पर ही कराया गया। इसके बाद देवरिया की ओर जाने वाली यात्रियों को उतारा गया। नाराज यात्रियों ने स्टेशन मास्टर के कमरे में हंगामा किया और रेलवे स्टॉफ को दोषी मानते हुए आरपीएफ को तहरीर दी। यात्रियों का आरोप है कि अगर ट्रेन का रूट डायवर्जन पहले से तय था तो इसकी सूचना पहले दी जानी चाहिए थी। रेल प्रशासन मोबाइल पर मैसेज भी भेज सकता था।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि हाजीपुर में नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कई ट्रेनों का रूट डायवर्जन पहले से तय था। न्यू नई दिल्ली-न्यू जलपाईगुड़ी भी इसमें शामिल है। गोरखपुर स्टेशन पर ट्रेन को 15 मिनट अतिरिक्त समय देकर रोका गया और इस दौरान लगातार रूट बदलने की सूचना भी प्रसारित कराई गई ताकि देवरिया जाने वाली यात्री उतर सकें। यात्रियों को हुई दिक्कतों के लिए रेल प्रशासन खेद व्यक्त करता है। कोशिश की जाएगी भविष्य में ऐसी सूचना अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए।