फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंसेफेलाइटिस पर मंथन

Thu, 11 Feb 2016 01:45 AM IST
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। मारवाड़ बिजनेस स्कूल में मंगलवार से शुरू हुई जूलॉजी की दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का बुधवार को समापन हुआ। अंतिम दिन वक्ताओं ने पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस से हुई मौतों पर चिंता जताई और इसके लिए जिम्मेदार प्रदूषण पर भी चर्चा की। डॉ. दीपा श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले तीन दशक में यह बीमारी 50 हजार से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुकी है। उन्होंने इससे निपटने के लिए वातावरण को प्रदूषित होने से बचाने की अपील की।
विज्ञापन


सेमिनार के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ. वीना बत्रा ने कहा कि मनुष्य के स्वास्थ्य पर वातावरण परिवर्तन का व्यापक प्रभाव पड़ा है। ग्लोबल वार्मिंग ने भी वातावरण का काफी नुकसान किया है। इसका खामियाजा मनुष्य जाति के साथ-साथ जैव विविधता के हर रूप को भुगतना पड़ रहा है। संगोष्ठी में विभिन्न संस्थाओं से आए हुए शोध छात्रों और शिक्षकों ने अपना शोध पत्र पढ़ा। कई प्रतिभागियों ने पोस्टर प्रेजेंटेशन में भी भाग लिया।

प्राचार्य ने बताया संगोष्ठी में 109 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और 31 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। बेहतर शोध पत्र के लिए डॉ. दीपा श्रीवास्तव को पहला, डॉ. संगीता यादव को दूसरा और गीता भारती व शबनम को तीसरा स्थान मिला। पोस्टर प्रेजेन्टेशन में प्रियंबदा व प्रियंका को पहला, कृतिका पांडेय को दूसरा और शीला सिंह को तीसरा स्थान मिला। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ. आरके उपाध्याय रहे। इस दौरान डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी, डॉ. सुनील कुमार पांडेय, स्नेहलता जायसवाल, प्रियांशु वर्मा, डॉ. वंदना चौहान, डॉ. एसएसडी मिश्र, निधि पाठक आदि मौजूद रहे। संचालन डॉ. पूनम ओझा ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें