फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रीमद्भागवत कथा का 7वां दिन: कथा सुनने से मन की व्यथा होती है दूर: अखंडानंद महाराज

Mon, 23 Dec 2019 01:30 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
विज्ञापन
भागवत कथा सुनाते स्वामी अखंडानंद। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
‘भईया जी का दाल भात’ संस्था की ओर से परिणय स्थली में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का रविवार को समापन हुआ। कथा वाचक स्वामी अखंडानंद ने आखिरी दिन भागवत भक्ति के विविध आयामों पर प्रकाश डाला। इस दौरान पूरा पांडाल ‘बांके बिहारी लाल की जय’ के जयकारों से गूंज उठा।
विज्ञापन


कथा की शुरूआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यजमान परिवार की ओर से पूजन अर्चन और दीप जलाने के साथ कथा व्यास अखंडानंद ने किया। कथा व्यास ने बताया कि श्रीमदभागवत का अर्थ है भगवान में रत, लीन हो जाना। गोपी लीला वर्णन करते हुए उद्धव-गोपी संवाद का रसास्वादन कराया। बताया कि गुरु से मिलने और मंदिर कभी खाली हाथ नहीं जाना चाहिए।

आचरण को निष्काम भाव से करते रहना चाहिए, अच्छे भक्त का यही लक्षण है। कथा सुनने से मन की व्यथा दूर हो जाती है, यदि हृदय से कथा सुनेंगे तो आप को खुद ही साक्षात भगवान की अनुभूति होगी। प्रमुख व्यवस्था समिति से भईया जी का दाल भात के यशवंत सिंह ने दाल भात परिवार की परिकल्पना की विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन

 
Trending Videos

श्रीमद्भागवत कथा में शामिल लोग। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने भूख मुक्ति के लिए एक मुट्ठी अनाज-भूख मुक्त समाज मुहिम में सहयोग की अपील की। कथा के अंतिम दिन विश्व अघोर परिषद के संस्थापक अलखराम जी आशीर्वचन देने के लिए मुंबई से पधारे। मंच पर अखाड़ा के सन्यासी शंकर गिरी महाराज, सुरेश पूरी, राजा भईया का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
विज्ञापन

कथा स्थल सांसद जगदंबिका पाल पहुंचे। - फोटो : अमर उजाला
सांसद जगदंबिका पाल पहुंचे कथा स्थल
भूखमुक्त भारत के संकल्प को समर्पित भागवत कथा के आखिरी दिन डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल कथा स्थल पर पहुंचे और भागवत कथा का रसपान किया। इस अवसर पर मेयर सीताराम जायसवाल, भाजपा के प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद राय, डॉ. सतेंद्र सिन्हा आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें