जीत पर जश्न मनाते सपाई और बसपाई।
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लोकसभा उपचुनाव में सपा गठबंधन को मिली जीत का जश्न दोपहर से ही शुरू हो गया था। उत्साह से लबरेज बसपा, पीस पार्टी, निषाद पार्टी के समर्थकों ने कार्यकर्ताओं को अबीर-गुलाल लगाकर बधाई दी। इस दौरान सांप-छछूंदर, बुआ बबुआ कहकर तंज कसने वालों को आइना दिखाया गया। राउंड दर राउंड जैसे-जैसे गठबंधन प्रत्याशी का वोटिंग ग्राफ चढ़ता गया, वैसे-वैसे सपा, बसपा, निषाद समाज, पीस पार्टी के कार्यकर्ता अपनी-अपनी पार्टी का झंडा लेकर यूनिवर्सिटी चौराहे के पास इकट्ठा होने लगे। आम तौर पर ऐसा नजारा नहीं दिखता। जश्न में डूबे समर्थकों की कई बार पुलिस से झड़प भी हुई, मगर इसके बाद भी वे वहीं डटे रहे। इस दौरान समर्थकों ने बसपा सुप्रीमो मायावती, मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के समर्थन में नारे भी लगाए। यह सिलसिला परिणाम घोषित होने तक चलता रहा। समर्थकों में कई महिलाएं भी शामिल थीं।
नतीजों के इंतजार में लगी रहीं निगाहें
उपचुनाव की मतगणना का रुझान जानने के लिए लोगों ने निगाहें जमाए रखीं। कहीं टीवी सेट के आगे भीड़ लगी रही तो कोई मोबाइल पर खबरिया चैनल देखते मिला। तमाम ऐसे भी लोग थे जो रह-रहकर अपनों को फोन करके रुझान जानने में जुटे रहे। पहले चक्र की मतगणना में जब भाजपा को बढ़त मिली तो समर्थकों के चेहरे खुशी से चमक उठे। विपक्ष की जीत का अरमान पाले लोग तब कुछ मायूस थे। इसके बाद जब भाजपा प्रत्याशी सपा उम्मीदवार से पिछड़ने लगे तो पहले खेमे की खुशी धीरे-धीरे मायूसी में तब्दील होती गई, जबकि दूसरे खेमे के चेहरे पर रौनक आती गई। 15 राउंड के रुझान आने तक मायूसी और खुशी की यह तस्वीर शुरुआती नजारे से एकदम उलट गई। इसके साथ ही जीत के दावे और हार के कारण भी इस बैठकी का हिस्सा बन गए। कुछ लोग ऐसे भी थे जो आधी मतगणना को नाकाफी मानते हुए धैर्य के साथ जमे रहे। इन्हें हर राउंड की गणना में उलटफेर की आस थी। इनमें दोनों पक्षों के लोग थे। 20वें चरण की गणना में जब दोनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच वोटों का अंतर 28 हजार तक पहुंच गया तो अधिसंख्य लोगों ने सपा उम्मीदवार प्रवीण को जीता हुआ मान लिया। इसके बाद भी लोग परिणाम की घोषणा तक टीवी सेट के आगे बैठे रहे।