सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मे छात्र संसद गठन के बाद शपथ लेते छात्र।
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सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सूर्यकुंड में छात्र संसद के चुने गए पदाधिकारियों को मंगलवार को शपथ दिलाई गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षा समिति पूर्वी उप्र के अध्यक्ष प्रेमचंद गोंड ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए छात्र संसद की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह छात्रसंघ यूनिवर्सिटी या महाविद्यालय में गठित छात्रसंघ से अलग होगा, क्योंकि यह संसद नकारात्मक कार्यों के लिए दबाव बनाने की जगह सृजनात्मक कार्यों में सहयोग देगा।
उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्र की श्रेष्ठता राष्ट्र के नागरिकों पर निर्भर करता है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि छात्र संसद छात्रों में योग्य नागरिक गुणों का विकास करने, उन्हें संसदीय व लोकतांत्रिक व्यवस्था से परिचित कराने, छात्रों में दायित्व बोध का ज्ञान कराने व उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने में सहायक है। कार्यक्रम की प्रस्तावना छात्र संसद प्रमुख जल्लू प्रसाद कुशवाहा ने रखी। प्राचार्य राजबिहारी विश्वकर्मा ने अतिथियों का स्वागत तथा उपप्रधानाचार्य रमेश सिंह ने आभार ज्ञापित किया।
अरुण प्रधानमंत्री व शिवांश मुख्य न्यायाधीश चुने गए
छात्र-संसद में एक प्रधानमंत्री, दो उपप्रधानमंत्री, एक मुख्य न्यायधीश, चार अन्य न्यायाधीश, एक मुख्य सेनापति, एक उपसेनापति, व चार सहयोगी सेनापति, 45 सदस्यीय मत्रिमंडल सहित 80 सदस्यों का निर्वाचन किया गया है। प्रधानमंत्री के लिए अरुण प्रताप सिंह, उपप्रधानमंत्री पद पर अभिजीत श्रीवास्तव, मुख्य न्यायाधीश पद पर शिवांश श्रीवास्तव तथा विशाल मिश्र को मुख्य सेनापति नियुक्त किया गया।