उपस्थिति कम होने पर शोध छात्रा की फेलोशिप रोके जाने के मामले में समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष ने कुछ छात्रनेताओं पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कुलपति और शिक्षक संघ से मामले की लिखित शिकायत की है और ये भी आरोप लगाया है कि उन्हें जबरन उनके कक्ष से खींचकर बाहर खड़ी कार में बैठाने की कोशिश की गई।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग की एक छात्रा डॉ. अनुराग द्विवेदी के मार्गदर्शन में शोध कर रही है। नियमानुसार सभी शोध छात्रोें को प्रतिदिन की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज करनी होती है, लेकिन छात्रा की उपस्थिति नियमानुसार कम थी। लिहाजा विभागाध्यक्ष प्रो. रामप्रकाश ने नाराजगी जताई और फेलोशिप पर रोक लगा दी। इसके बाद बुधवार को छात्रा कुछ छात्रनेताओं के साथ उनसे वार्ता के लिए पहुंची। इसी दौरान एक छात्रनेता विभागाध्यक्ष रामप्रकाश से अभद्रता करने लगा और उनका चश्मा उतारकर टेबल पर रख दिया। विभाग के अन्य कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद छात्रनेता वहां से चले गए।
प्रो. रामप्रकाश ने कहा कि छात्रों ने न सिर्फ उनके साथ अभद्रता की, बल्कि उन्हें खींचकर बाहर ले जाने की कोशिश भी करने लगे। पहले से वहां दो-तीन गाड़ियां भी खड़ी कर रखी थीं। शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुधाकर लाल श्रीवास्तव ने कहा कि घटना अत्यंत निंदनीय है। शिक्षक संघ ने कुलपति से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है।