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मुस्कान ज्योति और नगर निगम में ठनी 

Sun, 06 Nov 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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नगर में जगह-जगह दिखाई दे रहे गंदगी के ढेर - फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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घरों से कूड़ा उठाने को लेकर नगर निगम और मुस्कान ज्योति के बीच ठन गई है। जहां एक ओर मुस्कान ज्योति ने नगर निगम पर करीब छह लाख रुपये वापस नहीं करने का आरोप लगाया है। वहीं नगर निगम ने भी संस्था पर निगम को झांसे में रखने का आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत की है।
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दरअसल नगर निगम शहर के कूड़ा प्रबंधन की जिम्मेदारी मुस्कान ज्योति संस्था को दी थी। संस्था ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम शुरू भी कर दिया था। नगर निगम इस काम के लिए संस्था को तकरीबन 15 लाख रुपये का भुगतान कर चुका है। इसके बाद भी संस्था ने नगर निगम पर कुल 22 लाख रुपये देने की मांग की है। निगम ने संस्था द्वारा प्रस्तुत बिल पूरी तरह से गलत करार दिया। इसके बाद संस्था ने बकाया रकम नहीं देने तक कूड़ा उठाने से मना कर दिया। शनिवार को गोरखपुर पहुंचे संस्था के प्रोपराइटर मेवा लाल ने कहा कि नगर निगम ने संस्था का तकरीबन छह लाख रुपये रोक रखा है। जल्द ही इसके लिए निगम को नोटिस दी जाएगी। 

नगर निगम करार की शर्तों के अनुसार काम नहीं कर रहा है। करार के मुताबिक नगर निगम को संस्था के लाभ होने तक कर्मचारियों की सैलरी, गाड़ियों के लिए डीजल-पेट्रोल एवं अन्य संसाधन देने थे, लेकिन तकरीबन चार महीने तक भुगतान नहीं हुआ। इस संबंध में कई बार नगर निगम को पत्र लिखा गया, फिर भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। संस्था बकाया रकम देने के लिए पहले नगर निगम को नोटिस देगा। इसके बाद भी अगर रकम जमा नहीं मिलती है तो मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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- मेवालाल, प्रोपराइटर, मुस्कान ज्योति संस्था
 
मुस्कान ज्योति संस्था ने शहर के कूड़े के प्रबंधन के नाम पर नगर निगम को सिर्फ ठगने का काम किया है। संस्था ने कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था इतनी खराब कर दी थी कि इससे उबरने में नगर निगम को दो महीने से ज्यादा का समय लगा। अब जाकर कूड़ा प्रबंधन का काम पटरी पर आ सका है। मुस्कान ज्योति की इस प्रवृत्ति की जानकारी प्रदेश के अन्य नगर निगमों को भी दी जा चुकी है। संस्था के खिलाफ शासन में भी रिपोर्ट की गई है। जहां तक मुस्कान ज्योति का नगर निगम पर मुकदमा करने की बात है। यह उनका निजी मामला है। निगम कोर्ट में संस्था के खिलाफ अपना पक्ष रखेगा। 
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- बीएन सिंह, नगर आयुक्त
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