अदालत में पेशी के दौरान 24 नवंबर को कचहरी के लॉकअप में शौचालय की दीवार तोड़कर फरार हुए सूरज पांडेय को एसटीएफ ने सोमवार की रात स्टेशन रोड से गिरफ्तार कर लिया। सूरज के साथ कैंपियरगंज का योगेश मिश्र भी लॉकअप से फरार हुआ था। डीआईजी ने सूरज और योगेश पर 12-12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। योगेश अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
एसटीएफ की गोरखपुर टीम के सीओ विकास चंद्र त्रिपाठी को सोमवार की रात सूरज की लोकेशन स्टेशन रोड पर मिली। खोजबीन में साफ हुआ कि वह यहां असलहे की व्यवस्था के लिए आया है। इसके बाद सीओ के साथ घेराबंदी में लगे दरोगा सत्यप्रकाश सिंह, पंकज शाही, अशोक सिंह ने रात 11:10 बजे मालकिन होटल के पास से सूरज और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से बाइक के अलावा दो तमंचे, दो मोबाइल फोन बरामद हुए। सूरज के साथ पकड़े गए युवकों की पहचान गगहा, भलुआन के रहने वाले श्याम मिश्र और अनूप सिंह के रूप में हुई। छानबीन में बाइक पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर होने की बात स्पष्ट हुई।
सीओ के मुताबिक पूछताछ में सूरज ने बताया कि जेल में बंद बांसगांव, रेवड़ाडीह के संदीप तिवारी ने एक प्रधान और संतकबीरनगर, धनघटा के भैंसाटीकर निवासी जितेंद्र चौहान ने गगहा के हाटा बाजार निवासी एक व्यक्ति की हत्या की सुपारी दी थी। इसी प्लान को को अंजाम देने के लिए असलहे की व्यवस्था में वह शहर आया था। 15 दिन पहले क्राइम ब्रांच की घेराबंदी से भागते समय पिस्टल गिर जाने के कारण उसे असलहे की जरूरत थी।
लॉकअप से उसके साथ फरार हुए कैंपियरगंज निवासी योगेश मिश्रा के बिहार में होने की जानकारी भी सूरज से मिली है। सूरज ने एसटीएफ को बताया कि फरार होने के बाद केवल दो दिन तक योगेश उसके साथ रहा था। मंगलवार दोपहर तक एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम ने कैंट थाने में सूरज और साथ पकड़े गए अनूप और श्याम मिश्र से पूछताछ की। इसके बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।