सपा-कांग्रेस गठबंधन की गांठ जिले में और ढीली होने लगी हैं। खजनी विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में थी। कांग्रेस ने पूर्व सांसद कमांडो कमल किशोर को प्रत्याशी बनाया है। अब सपा के प्रत्याशी उतार देने से गठबंधन पर सवाल खड़ा होने लगा है।
रविवार को समाजवादी पार्टी की नेता रूपावती बेलदार को लखनऊ बुलाया गया। उनका दावा है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बुलाया और फार्म ए, बी दिलवाते हुए कहा कि खजनी से यही हमारी प्रत्याशी होंगी और यही चुनाव लड़ेंगी। रूपावती का कहना है कि वह सोमवार को अपना नामांकन करेंगी। कहा कि मुख्यमंत्री ने उन पर भरोसा जताया है। उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेंगी। बताया कि वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय थी। जनता का उन पर भरोसा है। इस नाते वह जनता की प्रत्याशी बन कर चुनाव मैदान में जाएंगी और जीत दर्ज करेंगी।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन में शहर विधानसभा भी कांग्रेस को दिया गया था। कांग्रेस ने राणा राहुल सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने अपना नामांकन भी कर दिया है। वहीं सपा ने भी राहुल गुप्ता को मैदान में उतार कर गठबंधन पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है। अब यह देखना है कि सपा-कांग्रेस में कौन अपना प्रत्याशी वापस लेगी या दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने होंगे।