जीवन के उजाले में बाधक बन रहे अंधेरे को दूर करने के लिए कस्तूरबा गांधी विद्यालय के बच्चों को सोलर लालटेन दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे बिजली नहीं रहने पर पढ़ाई-लिखाई कर सकेंगे। गोरखपुर और बस्ती मंडल के जिलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों को इसका लाभ मिलेगा।
कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में बच्चे रहकर पढ़ाई-लिखाई करते हैं। विद्यालयों के ग्रामीण क्षेत्रों में होने के चलते बिजली की व्यवस्था बेहतर नहीं है। अधिकतर बिजली रात ग्यारह बजे के बाद ही आती है। यही नहीं, कोई फाल्ट होने जाने पर दो-तीन दिन तक बिजली नहीं आती है। जनरेटर और इन्वर्टर की व्यवस्था ज्यादातर विद्यालयों में नहीं है। फलस्वरूप सांय के समय बिजली नहीं होने पर इन विद्यालयों के बच्चे अंधेरा होने की वजह से पढ़ लिख नहीं पाते हैं। इसलिए शासन के आदेश पर वैकल्पिक ऊर्जा विकास संस्थान यूपी (नेडा) इन विद्यालयों में नि:शुल्क सोलर लालटेन देने जा रहा है। प्रदेश में इसकी शुरूआत गोरखपुर अैर बस्ती मंडल से होने जा रही है।
चार से पांच घंटे तक रहेगी रोशनी
गोरखपुर। दिन में सूर्य की रोशनी से चार्ज होने के बाद सांय के समय यह सोलर लालटेन चार से पांच घंटे तक रोशनी देगी, जिसके उजाले में सात-आठ बच्चे आसानी से पढ़-लिख सकेंगे।
गोरखपुर मंडल
गोरखपुर के 20 विद्यालयों को 180 सोलर लालटेन।
देवरिया के 13 विद्यालयों को 117 सोलर लालटेन।
कुशीनगर के 14 विद्यालयों को 126 सोलर लालटेन।
महराजगंज के 13 विद्यालयों में 117 सोलर लालटेन।
बस्ती मंडल
बस्ती के 13 विद्यालयों में 117 सोलर लालटेन।
संतकबीरनगर के सात विद्यालयों में 63 सोलर लालटेन।
सिद्धार्थनगर के 13 विद्यालयों में 117 सोलर लालटेन।
शासन से आदेश मिल गया है। सोलर लालटेन को जल्द ही कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में लगवा दिया जाएगा।
सीताराम सिंह, परियोजना अधिकारी, वैकल्पिक ऊर्जा विकास संस्थान यूपी (नेडा)