सांप निकले तो वन विभाग से मत रखिए उम्मीद
गोरखपुर। अगर आपके घर में अचानक सांप निकल आए तो वन विभाग से मदद की उम्मीद तो मत ही रखिए। ऐसा इसलिए है, क्योंकि उसके पास सांप पकड़ने वाला कोई विशेषज्ञ कर्मचारी ही नहीं है। विभाग बाहर के विशेषज्ञों की सेवाएं ले रहा है, लेकिन इससे भी आमजन को कोई खास मदद नहीं मिल रही। ऐसे में लोगों को सपेरों के ही पास जाने की मजबूरी है।
बारिश के दिनों में सांपों के निकलने की घटनाएं आम हो जाती हैं। सर्पदंश से मौत की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। वन विभाग उम्मीद रखता है कि लोग सांप निकलने की सूचना दें ताकि उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ा जा सके, लेकिन बदहाली का आलम यह है कि विभाग में एक भी सरकारी स्नेक एक्सपर्ट ही नहीं है। अभी हाल में ही भगत चौराहे के पास एक खाली मैदान में सांप निकल आया, स्थानीय लोगों ने रात में अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वन विभाग के डीएफओ अविनाश कुमार का कहना है कि सांपों की समस्या से निजात दिलाने के लिए विभाग की ओर से मुफ्त सुविधा दी जा रही है। यह सुविधा 24 घंटे चालू रहेगी। विभाग के पास बाहर के दो स्नेक एक्सपर्ट हैं। कहीं से सूचना मिलती है, तो इन्हीं की मदद ली जाती है।
शिकायत के बाद भी नहीं पहुंचती टीम
घरों में सांप निकलने की शिकायत लोग वन विभाग के नंबर पर करते हैं लेकिन रिस्पांस नहीं मिलता है। ऐसा तब है जब शिकायत दर्ज करने के लिए एक कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की गई है। अगर विभाग को किसी तरह सूचना मिल भी गई तो बाहर से एक्सपर्ट बुलाकर सांप पकड़ा जाता है।
सपेरों पर नहीं हो रही कार्रवाई
वन विभाग की नियमावली में सांप पकड़ना या पालना, दोनों कानूनी अपराध है। इसके लिए तीन साल तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन सपेरे खुलेआम सड़कों पर सांप को पिटारे में लेकर घूमते हैं और वन विभाग के अधिकारियों की नजर उनपर नहीं जाती।