जनपद में करीब छह फीसदी वोटर जिला प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। निर्वाचन आयोग के मुताबिक जिले की जनसंख्या के अनुपात में ये वोटर अधिक हैं। आयोग के मानक के मुताबिक यहां जनसंख्या की तुलना में वोटरों की संख्या 65 फीसदी से कम होनी चाहिए मगर वर्तमान में यह संख्या 71.4 फीसदी है। आयोग ने 15 सितंबर से शुरू हुए पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची की सघन जांच कर फर्जी वोटरों, दो विधानसभा की मतदाता सूची वाले एक ही वोटर, शिफ्टेड और मर चुके वोटरों के नाम लिस्ट से काटने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त आयुक्त आनंद देव, प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहा कि सभी बूथों पर संपर्क मार्ग, शौचालय, पीने के पानी, रैंप आदि की व्यवस्था जांच ली जाए। जहां खामियां हो, उन्हें जल्द दुरुस्त करा लिया जाए। इस तरह उप निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि प्रशासन और पुलिस गुंडों को पाबंद करे और जिले में जो भी बूथ संवेदनशील और अति संवेदनशील हैं, उनकी वजहों की तलाश कर उसे दूर करने का निर्देश दिया। सुबह करीब 10 बजे से दो बजे तक चली इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिले की तरफ से डीएम संध्या तिवारी, एसएसपी रामलाल वर्मा, एडीएम फाइनेंस डॉ चंद्रभूषण समेत सभी एसडीएम मौजूद रहे।
स्कूलों-कालेजों में एंबेसडर बनाए जाएंगे छात्र
निर्वाचन आयोग की समीक्षा बैठक के बाद डीएम संध्या तिवारी ने शाम को जिले के कई स्कूलों और कालेजों के प्रबंधक व प्राचार्यों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2017 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले छात्र-छात्राओं को वोटर बनने के लिए प्रेरित किया जाए। कहा कि स्कूलों-कालेजों के सक्रिय व होनहार एक-एक छात्र-छात्रा को मतदाता जागरूकता अभियान का एंबेसडर बनाया जाए। कहा कि प्रशासन की तरफ से सभी स्कूल-कालेजों में मतदाता बनने का फार्म और ड्राप बाक्स मुहैया कराया जाएगा। स्कूल प्रबंधन संबंधित छात्र-छात्राओं से इसे भरवाकर ड्राप बाक्स में जमा कराएं। प्रशासन पखवारे भर पर फार्मों को मंगाकर संबंधित विद्यार्थियों का नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करने के साथ ही उन्हें वोटर कार्ड भी मुहैया कराएगा।