मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटे में इंसेफेलाइटिस से पीड़ित छह और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही जनवरी से अब तक इस बीमारी से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 461 पहुंच गया है। वहीं 12 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है।
मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के मरीजों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। एक के बाद एक कई कोशिशें जरूर की जा रही हैं, मगर दवाओं और अन्य संसाधनों की कमी दूर नहीं हो पा रही है, जो मौतों की बड़ी वजह बन रही है। हालांकि डॉक्टर इस बात को नकार रहे हैं। उनकी मानें तो प्राथमिक उपचार न मिलना ही मौत की बड़ी वजह है। इसी कारण मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यहां इस समय 81 मरीज भर्ती हैं।
पिछले 24 घंटे में गोरखपुर, गीता वाटिका की जौशीन खातून (2), पिपराइच की अनुष्का (3), महराजगंज, श्यामदेउरवा के प्रिंस (5), संतकबीरनगर की रेनू (3), देवरिया, खुखंदू के परदेशी (2.5), कुशीनगर, कसया के आर्य (2) की मौत हो गई। वहीं गोरखपुर के तीन, कुशीनगर के छह, सिद्धार्थनगर, महराजगंज और देवरिया के एक-एक मरीज को भर्ती कराया गया है।