तरयासुजान क्षेत्र में जहरीली शराब कांड की जांच करने मंगलवार को एसआईटी की टीम पहुंची। प्रभावति गांवों में पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान एसआईटी की टीम ने घटना से जुड़े हर पहलुओं की बारीकी से जांच करने की कोशिश की।
एडीजी रेलवे संजय सिंघल की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी टीम ने तरयासुजान क्षेत्र के बेंदूपार खलवाटोला में पहुंच कर जहरीली शराब कांड मामले की तहकीकात की। शराब कांड का दोषी कौन है, कितनी मात्रा में लोगों ने शराब पी थी, बीमार होने पर कहां पर दवा कराए थे, कौन सी शराब पी थी, पहले क्या पीते थे, क्या काम करते थे, घर रहते थे, या बाहर आदि विंदुओ पर गहन पूछताछ कर जानकारी जुटाई।
पीडितों परिजनों ने मौत की वजह शराब पीने से ही होना बताया। शराब को मेले में खरीद कर पीने की जानकारी दी। सभी पीडित परिवार नामजद फरार आरोपी दूधनाथ को ही दोषी ठहरा रहे थे। उसी के जरिए अवैध शराब का कारोबार करने की जानकारी भी दी। टीम से जुड़े सदस्य प्रत्येक पीडित परिवार एवं शराब पीने से बीमार हुए लोगों से बातचीत की। इसके साथ ही उनका बयान भी दर्ज किया।
इसके अलावा टीम की ओर से गांव के लोगो से अपना- अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया। चैँनपट्टी की सुनैना पत्नी अवध ने बताया कि उसके पति की मौत शराब पीने से ही हुई थी। गांव के लोग इस बात को जानते भी है। वह अपने पति की मौत के सदमे में थी। कुछ लोगो ने उसे भयभीत कर दिया था। हांलाकि एसआईटी टीम के सामने गांव के लोग कुछ भी बोलने से कतरा गए, लेकिन टीम के जाते ही गांव वालों की जुबा पर यहीं था कि एसआईटीम टीम केवल पीडित परिवारों की हालात की ही जानकारी लेने में लगी रही। जांच की जद में यदि वास्तविक सफेदपोश जिम्मेदारों नहीं आते है तो फिर जांच का औचित्य ही नही होगा।
वहीं, जांच अधिकारी संजय सिंघल ने बताया कि टीम हर विंदु पर जांच कर रही है। जांच के बाद सरकार को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। जांच की जद में जो भी आएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान आईजी गोरखपुर जय नारायण सिंह, कमिश्नर मोहित गुप्ता, डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह, एसपी राजीव नारायण मिश्र, एएसपी हरिगोविंद, एसडीएम प्रमोद कुमार, सीओ नितेश प्रताप सिंह, तहसीलदार रामप्यारे, थानाध्यक्ष सुशील कुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।