महिला अस्पताल में दवा और उपकरण की खरीद में हुए घोटाले में एसआईसी पर गाज गिर गई है। एसआईसी डॉ. नीना त्रिपाठी का तबादला फैजाबाद कर दिया गया है। उप्र सरकार के संयुक्त सचिव विनोद कुमार सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। वहीं एक डॉक्टर समेत दो अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। कमिश्नर ने इस मामले की जांच कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
महिला अस्पताल में दवा के मद में आए धन को दूसरे मद में खर्च दिखाकर घोटाला किया गया था। शिकायत के बाद कमिश्नर ने कमेटी बनाकर जांच कराई थी। जांच निष्पक्ष हो सके इसके लिए कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारी को जांच कमेटी में शामिल नहीं किया था। सिर्फ तकनीकी पहलू को समझने के लिए जिला अस्पताल के एसआईसी को साथ में जाने का आदेश दिया था। कमेटी के रिपोर्ट में दवा घोटाला उजागर होने के बाद कमिश्नर ने कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी थी।
अभी यह मामला चल ही रहा था कि बीच में उपकरण घोटाला सामने आ गया। इस मामले में प्रमुख सचिव ने एसआईसी से स्पष्टीकरण भी मांगा था। उसी के बाद से एसआईसी छुट्टी पर चली गई थी। दो जांचों की रिपेार्ट शासन में विचाराधीन होने के बीच ही डीएम ने भी महिला अस्पताल में जांच की थी, जिसमें दवा और मरीजों के लिए खाना न बनाए जाने का मामला उजागर हुआ था।
एक के बाद एक मामला सामने आने केबाद शासन ने कार्रवाई कर दी है। एसआईसी को हटाए जाने केसाथ ही डॉ. एके गुप्ता को नई तैनाती भी दे दी गई है।