पहचान बनाने के दौरे से गुजर रहे संजय पहलवान पर पांच बार विधायक रहीं शारदा देवी का रसूख भारी पड़ गया। शायद यही वजह रही कि प्रत्याशियाें के जनाधार और उनकी मेहनत की समीक्षा के एक दिन पहले ही बांसगांव विधान सभा क्षेत्र से संजय का टिकट काटकर शारदा को वहां का प्रत्याशी बना दिया गया। शारदा, मुंडेरा बाजार (वर्तमान में चौरीचौरा) विधानसभा क्षेत्र से ढाई दशक तक विधायक रही हैं। पढ़ी-लिखी न होने के बावजूद अपनी सादगी और जुझारू तेवर से जनता ही नहीं बल्कि पार्टी में भी उनकी अलग पहचान है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी बांसगांव से दूसरा स्थान पाकर उन्होंने बसपा से विजयी रहे विजय कुमार को अच्छी टक्कर दी थी।
बताया जा रहा है कि अभी तो यह शुरुआत है, टिकटों को लेकर और फेरबदल संभव है। सहजनवां से यशपाल रावत का टिकट कटने के बाद वहां उम्मीदवार बने मनोज यादव और चौरीचौरा से केशव यादव का टिकट भी बदलने की चर्चा है। मनोज जहां दो बार जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में कोई स्थान नहीं बना पाए वहीं केशव का तेवर शुरू से बगावती रहा है। 2007 में वे कांग्रेस के माधो पासवान के समर्थन में उतर गए तो वहीं 2012 में टिकट नहीं मिला तो निर्दल ही चौरीचौरा से ताल ठोक दी।
उधर, जिलाध्यक्ष मोहसिन खान ने भी बांसगांव से शारदा के नए प्रत्याशी होने की पुष्टि करते हुए कहा जो जीतने वाला है, चुनाव वहीं लड़ेगा। पार्टी को कम से कम जिले की नौ विधानसभा सीटों में से सात पर कब्जा चाहिए। पार्टी ने सभी को मौका दिया है, मगर उनका भविष्य तो वोटरों के बीच उनकी पैठ और जीतने की कूवत तय करेगी।
बता दें कि जिले के पर्यवेक्षक एमएलसी विजय यादव और फहजुर्रहमान भी शनिवार को बेतियाहाता स्थित पार्टी कार्यालय पर बैठक कर प्रत्याशियों के जनाधार और अब तक जीत के लिए उनक ी तरफ से किए गए प्रयासों की समीक्षा करेंगे। इसके बाद दोनों पर्यवेक्षक पार्टी मुखिया को अपनी रिपोर्ट देंगे। इस रिपोर्ट पर भी टिकटों का फेरबदल टिका होगा।