फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिक्र-ए-नबी से गुलजार हुई महफिल-ए-मेराजुन्नबी

Tue, 25 Apr 2017 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
पांडेयहाता में जश्ने मेराजुन्नबी जलसा किया गया। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
शब-ए-मेराजुन्नबी पर सोमवार को शहर की मस्जिदों में शब-ए-मेराज शरीफ  की महफि लें सजाई गईं। सलातुल तस्बीह की नमाज अदा की गई। कुरआन की तिलावत मस्जिदों और घरों में हुई। अगले दिन के नफ्ली रोजे के लिए सेहरी भी खाई गई। कई जगहों पर अजीमुश्शान जलसा हुआ। पूरी रात इबादते इलाही और जिक्र-ए-नबी से गुलजार रही। मेराज शरीफ  के वाकिया को उलमा ने तफसील से बयां किया। उलमा ने कहा कि यह वही रात है जब नबी-ए-पाक दीदारे खुदावंदी से सरफ राज हुए। जलसों में नारा-ए-तक्बीर और नारा-ए-रिसालत की सदा गूंजती रही। नबी-ए-पाक पर सलातो सलाम भी झूम कर पढ़े गए। शायरों ने नबी की शान में बेहतरीन कलाम पेश किए।
विज्ञापन


पांडेयहाता बाजार में बज्मे आले मुस्तफ ा कमेटी की ओर से जश्ने मेराजुन्नबी जलसे का आयोजन हुआ। इसमें इस्लामिक धर्मगुरु मुफ्ती निजामुद्दीन नूरी ने कहा कि 27 रजब की इसी रात नबी-ए-पाक को पांच वक्त की नमाजों का तोहफ ा मिला। मुसलमान अगर तरक्की चाहते हैं तो नमाज को कायम करें। हमें चाहिए कि अल्लाह और रसूल की तालीमात पर मुकम्मल बेदारी के साथ अमल करें। मुसलमान सामाजिक कुरीतियों से दूर रहें। इस्लामिक विद्वान मौलाना हाशिम कानपुरी ने कहा कि मुसलमान कुरान व हदीस की शिक्षा के मुताबिक जीवन गुजारें। बेटियों को बरकत वाला समझना चाहिए।

मौलाना कमरुद्दीन ने कहा कि इस दौर में इत्तेहाद व इत्तेफ ाक की काफ ी जरूरत है। एक बनें नेक बनें। मशहूर शायर राही बस्तवी ने नात पढ़ी। जलसे का आगाज तिलावते कुरआन से किया गया। अध्यक्षता हाजी जावेद अली निजामी ने व संचालन अकरम जलालपुरी ने किया। इस मौके पर महमूद अहमद, कारी हिदायतुल्लाह, मौलाना मकसूद आलम, रिजवान अहमद, विजय पाठक, छाजू राम केडिया, संजीव, अशफ ाक अहमद, सेराज अहमद आदि मौजूद थे।
विज्ञापन


तहरीक दावत-ए-इस्लामी हिंद की जानिब से मोहल्ला इस्माइलपुर काजी जी की मस्जिद के पास जश्ने मेराजुन्नबी का जलसा हुआ। हाथों में इस्लामी झंडा व सिरों पर हरा अमामा पहने लोग आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्य अतिथि इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती अजहार अशरफ ी अजहरी ने कहा कि अल्लाह ने आज की ही रात हजरत मुहम्मद साहब को अल्लाह से तोहफे में नमाज मिली। मुसलमान जो भी काम करें सबसे पहले बिस्मिल्लाह पढ़ें। इससे उनके काम में बरकत आएगी।

मुफ्ती अख्तर हुसैन व वसीउल्लाह अत्तारी ने मेराज शरीफ  के वाकिया पर रोशनी डाली। नात शरीफ आदिल अत्तारी ने पेश की। संचालन अम्मार अत्तारी ने किया। सलातो सलाम पेश कर खास दुआ मांगी गई। अंत में सलातुल तस्बीह की नमाज पढ़ नफ ली रोजे की नीयत से सेहरी खाई गई। इस दौरान मो. आजम अत्तारी, मो. रमजान अत्तारी, नदीम कादरी, शम्से आलम, हमीदुल्लाह, हबीबुल्लाह, नासिर, शहाबुद्दीन आदि मौजूद थे।

तिवारीपुर स्थित मस्जिद खादिम हुसैन में आयोजित जलसे में मौलाना अफ जल बरकाती ने कहा कि नबी-ए-पाक की शान बड़ी अजमत वाली है। हम उस नबी के मानने वाले हैं जिसको अल्लाह ने तमाम नबियों का सरदार बनाकर भेजा। उन्होंने लोगों से नमाज की पाबंदी के साथ ही सुन्नते रसूल के मुताबिक जिंदगी गुजारने और नेकी व सच्चाई के रास्ते पर चलने की ताकीद की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें