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साधकों ने किया खुद का साक्षात्कार 

Sun, 03 Jul 2016 08:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सहज योग करते लोग। - फोटो : shivharsh
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सहज योग से आत्म साक्षात्कार की अनुभूति हुई तो मन शांत हुआ और शुद्ध भी। जिंदगी की भागदौड़ में शांति की राह देख साधकों ने ठान लिया कि वे न केवल सहज योग को साधेंगे बल्कि अपने चाहने वालों को भी इसे अपनाने की सलाह देंगे। इस नेक काम की नींव रखी अमर उजाला और सहज योग परिवार ने। दोनों संस्थानों की ओर से रविवार से जन कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पहले ही दिन साधकों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सहजयोगी उपेंद्र सिंह के निर्देशन में आत्म साक्षात्कार की अनुभूति की।
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सहजयोगी ने साधकों को बताया कि सहज योग बड़ी सहजता से बिना अतिरिक्त प्रयास के आत्मसात किया जाने वाला योग है। इसे नियमित धारण करने से साधकों को न केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि शरीर तमाम प्रकार के रोगों और दुर्व्यसनों से मुक्त होने लगता है। इससे विचारों में शुद्धता आती है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दिनचर्या पर भी पड़ता है। इस जन कार्यक्रम के संचालक और जिला कोऑडिनेटर रवींद्र सिंह ने बताया कि सहज योग की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भारत के अलावा 140 देश के साधकों ने इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाया है।

कार्यक्रम में शहर के मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार शाही, वरिष्ठ सर्जन डॉ. शिवशंकर शाही के अलावा अवनीश कुमार पाल, दिनेश गुप्ता, नवीन श्रीवास्तव, राम विलास जायसवाल, संदीप कर, इंद्रलोक द्विवेदी, राधेश्याम अग्रहरी, एसएसपी मिश्र, उर्मिला सिंह, विमल श्रीवास्तव आदि उपस्थिति रहे। 
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दिमाग को मिली अतीव शांति
योग का नया अंदाज मुझे बेहद पसंद आया। शिविर के पहले दिन हिस्सा लेने के बाद दिमागी में अतीव शांति का अहसास हो रहा है। साथ ही शरीर में भी हल्कापन महसूस हो रहा है। अमर उजाला की शुक्रगुजार हूं, जिसकी वजह से यहां आने का अवसर मिला। 
- शकुंतला शुक्ला, बड़हलगंज

हर शिविर शामिल होने की होगी कोशिश
सहज योग शिविर में हिस्सा लेकर यह जानकारी हुई कि कैसे शोरगुल के बीच भी शांति का अहसास किया जा सकता है। शिविर के पहले ही दिन बेहतर महसूस कर रही हूं। कोशिश होगी कि हर शिविर के बाकी दिनों में इस इंतजाम का पूरा लाभ उठा सकूं। 
- बृजकिशोरी, सिद्धार्थपुरम विस्तार

भौतिकता में अध्यात्मिकता की तलाश 
जीवन में बढ़ी भौतिकता की दखल ने ऐसे आध्यात्मिक शिविरों की जरूरत बढ़ाई है। दरअसल मनुष्य भौतिक सुख हासिल करने में इतना लीन है कि वह आध्यामिकता से दूर होता जा रहा है। ऐसे में सहज योग और अमर उजाला का यह प्रयास सराहनीय है। 
- विवेकानंद सिंह, भगत चौराहा

प्रकृति से जुड़ने का प्रयास
इस भागती दुनिया में सभी लोग प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में यह शिविर चित्त शुद्ध कर प्रकृति से जोड़ने वाला साबित होगा। सिर्फ इतना नहीं, संस्कारों के प्रति भी जागरूक करेगा। मुझे इस बात की खुशी है सहज योग के शिविर में ध्यान करने का अवसर मिला। 
- डॉ. शिवशंकर शाही, वरिष्ठ सर्जन

गर्मी में हुआ ठंडक का अहसास
मेरे लिए यह एक अलग तरह का अनुभव था। भीषण गर्मी के बीच ठंडक का अहसास कैसे होता है, यह मुझे शिविर में शामिल होने के बाद पता चला। सारे अनुभव को मैं एक वाक्य में कहना चाहूंगा, शरीर को बेहद सुकून मिला। हर शिविर में शामिल होना है। 
- प्रेम नारायण तिवारी, तारामंडल 

सहज योग को दिनचर्या से जोड़ेंगे
अतीत को भूलकर वर्तमान में जीने की सीख देता है सहज योग। पहले दिन के शिविर में हिस्सा लेने के बाद मैं दावे के साथ कह सकता हूं यदि इससे दिल से जुड़ा जाए तो सद्गुण को अपनाना बेहद आसान हो जाएगा। इसे दिनचर्या से जोड़ने की कोशिश करूंगा। 
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- राज बहादुर सिंह, विवेकपुरम
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