मामूली बात को लेकर रोडवेज कर्मियों और यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच जमकर संघर्ष हुआ। कहासुनी के बाद हुई मारपीट से अफरातफरी मच गई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कीं तो रोडवेज कर्मियों ने पथराव कर दिया। लाठीचार्ज में दो रोडवेज कर्मियों को मामूली चोटें आईं। एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट और क्षेत्रीय प्रबंधक की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे रोडवेज की बस वर्कशाप में जा रही थी। बैक करने के दौरान बस से साइकिल से जा रहे गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्र अखिलेश प्रजापति को धक्का लग गया। इसी बात पर अखिलेश और बस कंडक्टर के बीच नोकझोंक शुरू हुई हो गई। दोनों तरफ से एक-दूसरे को धमकी दी जाने लगी। इस दौरान कुछ और कंडक्टर जुट गए। उन्होंने वर्कशाप में ले जाकर अखिलेश की पिटाई कर दी।
रोडवेज के एक अधिकारी की दखल के बाद रिहा हुए अखिलेश ने यूनिवर्सिटी के नाथ चंद्रावत हॉस्टल जाकर पिटाई की जानकारी अपने साथियों को दी। इसके बाद छात्रसंघ अध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी के साथ काफी संख्या में छात्रों ने वर्कशाप पहुंचकर रोडवेज कर्मियों की पिटाई शुरू कर दी। अखिलेश की पिटाई करने वाले कंडक्टर को पकड़कर छात्र अपने साथ ले जा रहे थे कि इसी बीच इंस्पेक्टर कैंट भारी फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने कंडक्टर को छुड़ाकर जीप में बैठा लिया। इसके बाद नाराज रोडवेजकर्मियों ने धरना शुरू कर दिया। उधर, छात्रों का गुट भी खड़ा हो गया।
कुछ ही देर में एसपी सिटी गणेश शाहा, सीओ गोरखनाथ चारू निगम, सिटी मजिस्ट्रेट जीपी श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इसके बाद रोडवेजकर्मियों ने भी पथराव शुरू कर दिया, मगर पुलिस ने सख्ती के साथ आंदोलनकारियों को खदेड़ दिया। दो घंटे चले विवाद के बाद दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।